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हैदराबाद से ही खरीदा विस्फोटक, धमाकों में पांच स्लीपर सेल का हाथ?

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आंध्र प्रदेश में हुआ बम धमाका  (PHOTOS देखें) क्‍या अफजल की फांसी का बदला है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्‍योंकि अफजल की फांसी के बाद लश्‍कर ने खुले आम चेतावनी दी थी कि वह इसका बदला लेगा। शुरुआती जांच से शक की सूई भी लश्‍कर और इंडियन मुजाहिदीन की ओर जा रही है।गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे से जब पूछा गया कि क्या यह अफजल गुरू को फांसी दिए जाने की प्रतिक्रिया थी? तो इसका खंडन करने से उन्‍होंने इनकार किया। उन्होंने कहा मैं फिलहाल इस बारे में कुछ नहीं कह सकूंगा।
 
आंध्रप्रदेश की राजधानी हैदराबाद के दिलसुखनगर इलाके में गुरुवार शाम दो शक्तिशाली धमाके हुए थे। शुक्रवार को यहां पहुंचे गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बताया कि धमाकों में मरने वालों की संख्‍या 16 हो गई है, जबकि 119 से ज्यादा लोग जख्मी हैं। 6 घायलों में से दो की मौत हो गई है। 12 लोगों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं। शिंदे ने मीडिया से कहा, 'मैंने कुछ घायलों से मुलाकात की है। आंध्र प्रदेश सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं। चूंकि, संसद का सत्र चल रहा है इसलिए मैं इतनी जानकारी दे सकता हूं। अलर्ट दिए जाने की बात पर शिंदे ने कहा कि किसी खास इलाके के लिए कोई अलर्ट नहीं था और 'जनरल' अलर्ट जारी किया गया था। सरकार जांच में कोई कोर कसर नहीं बाकी रखेगी। घायलों के इलाज में हो रहा खर्च राज्य सरकार उठाएगी।' 
 
जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक विस्फोटक में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था। दोनों बम धमाकों में करीब एक-एक किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। दोनों विस्फोटकों का कुल वजन करीब ढाई-ढाई किलो से ज्यादा था। धमाके के तरीके से जांच एजेंसियों के शक की सुई इंडियन मुजाहिदीन की तरफ जा रही है। हालांकि, सरकार ने अभी  तक औपचारिक तौर पर किसी भी आतंकी संगठन का नाम नहीं लिया है। 
 
 
पाकिस्तान में बनी योजना
 
खुफिया सूत्रों के मुताबिक हैदराबाद धमाके की  योजना पाकिस्तान में बनी थी। बताया जा रहा है कि संसद पर हले हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी के बाद लश्कर ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बैठक कर बदला लेने की बात कही थी। यही वजह है कि अफजल गुरु की फांसी के बाद इंडियन मुजाहिदीन पर बड़ी वारदात को अंजाम देने का दबाव बढ़ गया था। खुफिया सूत्रों के मुताबिक इंडियन मुजाहिदीन देश के दूसरे हिस्सों में भी ब्लास्ट की योजना बना रहा है। इंडियन मुजाहिद्दीन के नेटवर्क में बड़ी तादाद में पाकिस्तानी आतंकी हैं जो लश्कर व जैश-ए-मुहम्मद के प्रशिक्षित हैं। सूत्रों के मुताबिक इंडियन मुजाहिद्दीन पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़ती जा रही थी इसलिए उसे लश्कर और आईएसआई आर्थिक मदद भी कर रहा था।
 

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क्या रोका जा सकता था ये हमला? जब सरकार को थी पहले से इस हमले की जानकारी तो क्यों नहीं रोका इसे? कौन है असली जिम्मेदार? राज्य सरकार या केंद्र सरकार किसकी है लापरवाही?


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