पिछले साल गिरफ्तारी के बाद आतंकी सैयद मकबूल ने दिल्ली पुलिस को बताया कि आईएम के आतंकी रियाज़ भटकल के कहने पर दिलसुख नगर और कोणार्क थिएटर की रेकी की थी।
क्या रोका जा सकता था ये हमला? जब सरकार को थी पहले से इस हमले की जानकारी तो क्यों नहीं रोका इसे? कौन है असली जिम्मेदार? राज्य सरकार या केंद्र सरकार किसकी है लापरवाही?