2007 बनाम 2013 : एक जैसा तरीका
2007 में हैदराबाद के गोकुल चाट और लुंबिनी पार्क में धमाके हुए थे। जो दिलसुख नगर की तरह ही बहुत ही व्यस्त क्षेत्र है। दोनों बार थियेटर और बस अड्डे के पास ही धमाके हुए। दोनों बार दो-दो ब्लास्ट हुए। बम बनाने के लिए टिफिन बॉक्स का इस्तेमाल, ब्लास्ट में टाइमर का ही उपयोग। समय भी एक जैसा, देर शाम 7 से 8 बजे के बीच।