पाकिस्तानी सीमा पर तैनात किए गए विदेशी हैलीकॉप्टर
आशीष महर्षि
| Jan 07, 2013, 12:55PM IST

नई दिल्ली। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के साथ बनते बिगड़ते रिश्ते को देखते हुए भारतीय वायु सेना ने राजस्थान से सटे पाकिस्तानी सीमा के पास कुछ अति आधुनिक हैलीकॉप्टर के लिए सोमवार को स्क्वॉडन तैनात किया गया है। पश्चिमी सीमा के फलौदी एयर बेस पर रशिया से खरीदे गए एमआई-17 वी 5 हैलीकॉप्टर की एक स्क्वाड्रन सोमवार को तैनात की गई।
शुरूआत में यहां दस हैलीकॉप्टर तैनात किए जाने की खबर हैं, जिनकी तादाद बाद में बढ़ाई जाएगी। स्क्वॉडन का उद्वाघटन करने खुद वायु सेना प्रमुख एन ए के ब्राउन सोमवार को फलौदी पहुंचें। फलौदी में वायु सेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल एन ए के ब्राउन ने एमआई-17वी5 हैलीकॉप्टरों की यूनिट के लिए हैंगर कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया।
बेहतरीन इंजीनियरिंग से निर्मित ये हैंगर भारतीय वायुसेना में अपने तरीके के सर्वाधिक बड़े हैंगर हैं जो इस नए हवाई बेस की ऑपरेशनल क्षमता में बढ़ोतरी करेंगे। इस हवाई अड्डे को आगामी 22 फरवरी 2013 को होने वाले ‘आयरन फिस्ट’ तथा मार्च 2013 में होने वाले ‘लाइव वायर’ वायु शक्ति अभ्यासों में इस्तेमाल किया जाएगा।
गौरतलब है कि इस आधुनिक हैलीकॉप्टर की मदद से सेना के जवानों और समानों को दुर्गम स्थानों तक आसानी से ले जाया जा सकता है। भारत ने इस तरह के 80 हैलीकॉप्टरों का आर्डर रूस को दिया है, जिसकी पहली खेप पिछले साल सितंबर में भारत को मिल गई थी। इसकी पहली तीन यूनिटों को भटिंडा (पंजाब), श्रीनगर (जम्मू और कश्मीर) और बागडोगरा (पश्चिम बंगाल) में तैनात की गई है।
दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए भारतीय वायु सेना पिछले साल फरवरी में एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर से लैस हुई है। इस अतिआधुनिक हेलीकॉप्टर का मुख्य रूप से उपयोग नक्सल विरोधी अभियानों के अलावा आंतरिक सुरक्षा में भी किया जा सकता है। इस हेलीकॉप्टर को उन्नत बहु उपयोगी काकपिट एवं उन्नत टीवी 3-117 वीएम इंजन से अपग्रेड किया गया है। इसका निर्माण रूस में हुआ है। दो इंजनों से लैस एमआई-17 वी5 2200 हॉर्सपॉवर जनरेट करता है।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता एसडी गोस्वामी का कहना है कि पश्चिमी सीमा पर एमआई-17 वी5 तैनात होने से हमारी सीमा पहले से अधिक सुरक्षित हो गई और भारतीय वायु सेना और अधिक मजबूत हो गई है। यह हेलीकॉप्टर किसी भी आपदा के वक्त खासी भूमिका निभा सकता है। अंधेरा हो या फिर किसी भी प्रकार की परेशानी, यह हैलीकॉप्टर सभी मुसीबतों में मददगार साबित हो सकता है।
गौरतलब है कि वर्ष 2008 में भारत ने इन हैलीकॉप्टरों के लिए रूस के साथ एक अनुबंध किया था। इसका मुख्य उद्देश्य एयर मेन्टेनेंस ऑपरेशन, मुसीबत में फंसे लोगों की मदद, डिजास्टर रिलीफ मिशन और ट्रांसपोर्ट ऑपरेशन के लिए करना है। रूस भारत को कुल 80 एमआई-17 वी-5 हैलीकॉप्टर की आपूर्ति करेगा। इस अनुबंध की कीमत 1.345 अरब डॉलर है।
तीन साल तक प्रशिक्षण उड़ानें
ऑपरेशनल होने के तीन साल तक यहां एक भी विमान की स्क्वाड्रन तैनात नहीं की गई थी। महज पांच हेलिकॉप्टर प्रशिक्षण के लिए रखे गए थे। अगले माह होने वाले युद्धाभ्यास ‘आयरन फीस्ट’ के दौरान एमआई17- वी 5 और एलसीए ‘तेजस’ यहीं से उड़ान भरेंगे।







