नई दिल्ली। जयपुर में गुरूवार को लिटरेचर फेस्टिवल का आगाज हुआ। 5 दिन तक चलने वाले फेस्टिवल में इस बार उन लेखकों का विरोध हो रहा है, जिन्होंने पिछली बार फेस्ट में रश्दी की विवादास्पद पुस्तक के अंश पढ़े थे। एक न्यूज चैनल से बातचीत में रश्दी ने कहा,‘भारत में सांस्कृतिक इमरजेंसी है। कलाकारों के पास अपना बचाव करने को कोई गिरोह नहीं होता। कला और संस्कृति पर हमला करना मुश्किल नहीं है। जिम्मेदार लोग कलाकारों के अधिकारों की रक्षा नहीं करते। वे कलाकारों को ही दोष देते हैं।’ रश्दी मुस्लिम संगठनों के विरोध के चलते 2012 के जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल नहीं हो पाए थे।
देश में सलमान रश्दी, अमिताभ बच्चन और कमल हासन तक सांस्कृतिक आतंक के शिकार बन रहे हैं। अमिताभ पर जहां कुरान के अपमान का आरोप लगा तो कमल हासन की नई फिल्म विश्वरूपम को बैन कर दिया गया।