झारखंड में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश
नेशनल ब्यूरो
| Jan 14, 2013, 11:22AM IST

नई दिल्ली. झारखंड में सरकार गठन को लेकर किसी दल द्वारा राज्यपाल को आश्वस्त नहीं कर पाने के चलते राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की संभावना प्रबल हो गई है। सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल सैयद अहमद ने केंद्र सरकार को राज्य में कुछ समय के राष्ट्रपति शासन लगाने और विधानसभा को निलंबित रखने की रिपोर्ट भेजी है। चूंकि, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे रविवार को दिल्ली से बाहर थे, इस कारण इस मुद्दे पर विचार नहीं हो सका। शिंदे सोमवार को दिल्ली पहुंचेंगे। केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल एक मंत्री के कार्यालय ने 'भास्कर' को बताया कि राज्यपाल की रिपोर्ट मिलने के बाद गृह मंत्रालय इसके विस्तृत अध्ययन करने के लिए कुछ समय ले सकता है उसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामले पर केंद्रीय कैबिनेट की विशेष बैठक बुलाकर फैसला लिया जा सकता है। हालांकि कैबिनेट की विशेष बैठक को लेकर समय निश्चित नहीं किया गया है। चूंकि, केंद्रीय गृह मंत्री सोमवार सुबह दिल्ली आ रहे हैं, ऐसे में सोमवार देर शाम या मंगलवार की सुबह केंद्रीय कैबिनेट की बैठक होने की संभावना है। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक आम तौर पर गुरुवार को होती है, लेकिन झारखंड के राज्यपाल की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार इस मामले पर कैबिनेट की विशेष बैठक बुला सकती है।
क्या है मामला
झारखंड में 8 जनवरी को झामुमो के समर्थन वापस लेने के बाद अर्जुन मुंडा सरकार का पतन हो गया था। उसके बाद से राज्य में किसी राजनीतिक दल ने सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया है। इस बीच, राज्यपाल ने राज्य के सभी राजनीतिक दलों से सरकार बनाने के मामले पर विचार विमर्श किया।
दोनों सदनों की मंजूरी जरूरी
राष्ट्रपति शासन लगाने पर केंद्र सरकार को संसद के दोनों सदनों से अपने इस फैसले पर 60 दिनों के भीतर मंजूरी लेनी होगी। संसद के बजट सत्र में झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के निर्णय पर मंजूरी लेने की अनिवार्यता को देखते हुए भाजपा अभी से विरोध की रणनीति तैयार करने में जुट गई है। अगले लोकसभा चुनाव के
मद्देनजर बजट सत्र यूपीए सरकार के लिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि विपक्ष के सहयोग से उसे कई लोक लुभावन योजनाओं पर स्वीकृति लेनी है।
सरकार के लिए सक्रिय हैं पार्टियां
राज्य में सरकार बनाने में जुटी पार्टियां अब भी प्रयास कर रही हैं कि राष्ट्रपति शासन नहीं लगे। पार्टियां चाह रही हैं कि उन्हें और दो-तीन दिन का समय मिले, ताकि बहुमत का जुगाड़ हो जाए। दलों को आशंका है कि एक बार राष्ट्रपति शासन लग जाने के बाद मामला और पेचीदा हो जाएगा।
निर्दलीय व कांग्रेसी राज्यपाल से मिलेंगे
बंधु तिर्की के नेतृत्व में सोमवार को चार निर्दलीय विधायक राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। राजभवन ने इन विधायकों को मिलने के लिए 11.30 बजे का समय दिया है। इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस प्रभारी शकील अहमद के नेतृत्व में भी कांग्रेसी नेताओं के एक शिष्टमंडल के राज्यपाल डॉ. अहमद से मिलने की संभावना है।
सलाहकार के नाम पर भी चर्चा
राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले पर मुहर लगते ही केंद्र सरकार राज्यपाल के सलाहकारों का भी नाम तय करेगी। सलाहकारों को लेकर नामों की चर्चा शुरू हो गई है। ब्यूरोक्रेसी की इस पर पैनी नजर है। झारखंड कैडर के कई रिटायर अधिकारियों के नामों की चर्चा है।
(तस्वीर: रविवार को केंद्र को रिपोर्ट भेजने के बाद राजभवन में आयोजित दो दिवसीय रोज शो के समापन पर गुलाबों की छटा निहारते राज्यपाल डॉ. सैयद अहमद)







