कल कर्नाटक विधानसभा भंग करने की हो सकती है सिफारिश
सुजीत ठाकुर | Feb 24, 2013, 14:13PM IST

नई दिल्ली. भाजपा ने कर्नाटक विधानसभा को भंग करने की सिफारिश का फैसला ले लिया है। सोमवार 25 फरवरी को राज्य कैबिनेट की बैठक में औपचारिक निर्णय लेने के बाद राज्यपाल से इस बाबत सिफारिश की जाएगी। समयपूर्व विधानसभा भंग करने की सिफारिश की नौबत राज्य में भाजपा के राजनीतिक हालत को देखते हुए लिया गया है।
गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा का कार्यकाल 3 जून, 2013 तक है। दक्षिण भारत के किसी भी राज्य में भाजपा की पहली सरकार 2008 में बनी थी और बीएस येदियुरप्पा मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन उनके मुख्यमंत्री पद से हटते ही राज्य सरकार हमेशा किसी न किसी संकट में घिरी रही और बाद में येदियुरप्पा ने भाजपा छोड़ दी। येदियुरप्पा के भाजपा छोड़ कर अलग पार्टी बनाने के बाद राज्य सरकार के कई मंत्री और विधायक पार्टी छोड़ कर येदियुरप्पा के साथ हो गए हैं। इससे राज्य सरकार की स्थिरता पर संकट आ गया है। दो दिन पहले ही भाजपा के दो और विधायक ने पार्टी छोडऩे का ऐलान कर दिया। ऐसे में मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर ने भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह से फोन पर बातचीत कर विधानसभा भंग करने का विकल्प सुझाया। राज्य के मामले को देख रहे राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली भी विधानसभा भंग कर चुनाव में जाने को बेहतर विकल्प मान रहे हैं।
केंद्रीय नेताओं ने बातचीत के बाद राज्य विधानसभा को भंग करने की सिफारिश करने का फरमान मुख्यमंत्री को सुना दिया है। सोमवार को शेट्टर ने कैबिनेट की बैठक बेंगलुरु में बुलाई है, जिसमें विधानसभा भंग करने का फैसला लिया जाएगा और इस बावत राज्यपाल को सिफारिश भेजी जाएगी।







