काटजू ने लिखा, सविंधान के मुताबिक भारत केवल हिंदुओं का देश नहीं है। यह समान तौर पर मुस्लिमों, सिख, ईसाइयों, पारसियों, जैनियों का भी देश है। और इस देश में हिंदू फर्स्ट रेट सिटिजन और दूसरे समुदाय के लोग सेकेंड या थर्ड रेट सिटिजन नहीं हो सकते हैं। सभी नागरिक एक समना हैं। गुजरात में मुस्लिमों की हत्याएं और दूसरे ज्यादतियां न तो भुलाई जा सकती हैं और न ही इन्हें माफ किया जा सकता है। पूरे अरब जगत का इत्र भी मोदी का इन हत्याओं से कनेक्शन के दागों को नहीं मिटा सकता है।