टीम केजरीवाल के सदस्यों पर हो रहे किचकिच की जांच करेगा 'लोकपाल'

नई दिल्ली.इंडिया अगेंस्ट करप्शन के प्रमुख और राजनेता अरविंद केजरीवाल ने अपने सहयोगियों पर लगे आरोपों की जांच कराने के लिए आंतरिक लोकपाल के गठन का ऐलान किया है। केजरीवाल ने अपनी पार्टी के लिए 'आंतरिक लोकपाल' के गठन की घोषणा करते हुए कहा कि तीन रिटायर्ड जजों का पैनल अंजलि दमानिया, प्रशांत भूषण और मयंक गांधी पर लगे आरोपों की जांच करेगा और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें पार्टी छोड़नी पड़ेगी।
बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी पर सिंचाई घोटाले और किसानों की ज़मीन हड़पने जैसे गंभीर आरोप लगाने वाली अंजलि दमानिया खुद भी आरोपों के घेरे में आ गई हैं। अंजलि दमानिया पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने मुंबई के पास करजत में किसान के रूप में 7 एकड़ जमीन खरीदी और फिर 4 साल बाद उस जमीन का भूउपयोग परिवर्तन (लैंड यूज बदलकर) कर बेच दिया। इधर, इस मामले में अंजलि का कहना है कि जो हुआ वह नियम के मुताबिक ही हुआ है।
एक अंग्रेजी दैनिक में छपी खबर के मुताबिक दमानिया को ज़मीन बेचने वाले किसानों का दावा है कि दमानिया ने उनसे कहा था कि वह यहां खेती करेंगी, लेकिन उन्होंने ज़मीन का इस्तेमाल बदलवा दिया और वहां 39 प्लॉट काट दिए गए। ज़मीन का इस्तेमाल बदलने की इजाज़त रायगढ़ के कलेक्टर ने दी थी। जमीन का इस्तेमाल बदलते ही पूरी जमीन एसवीवी डेवलपर्स को दे दी गई, जिसमें दमानिया भी डारेक्टर हैं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील और टीम केजरीवाल के अहम सदस्य प्रशांत भूषण पर भी हिमाचल गलत तरीके से जमीन हासिल करने के आरोप लगाए गए हैं। मयंक गांधी पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
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