समझदारी के साथ आगे बढ़ें भारत और पाकिस्तान: खुर्शीद
एजेंसी | Jan 22, 2013, 12:08PM IST

नई दिल्ली. भारत ने नियंत्रण रेखा पर भारतीय सैनिकों की हत्या पर पाकिस्तान के राजदूत की कथित टिप्पणी को यह कहते हुए तवज्जो नहीं दी कि 'गुबार बैठने' के बाद दोनों पक्ष समझदारी के साथ आगे बढ़ सकते हैं। विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने यहां कहा, 'मैं समझता हूं कि हम कुछ समय गुजरने दें ताकि धूल बैठ जाए। तब, समझदारी और क्रमबद्ध ढंग से हम आगे बढ़ सकतते हैं।'
खुर्शीद ने यह बात तब कही जब उनसे जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर सैनिकों की हत्या पर पाकिस्तान के उच्चायुक्त के कथित बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई। विदेश मंत्री ने कहा कि अभी नियंत्रण रेखा पर हालात कुछ दिन पहले के मुकाबले बहुत बेहतर है। खुर्शीद ने कहा, 'मैं बस कहूंगा कि हमें हर एक बयान पर प्रतिक्रिया नहीं करनी चाहिए। मैं नहीं समझता कि घरेलू संदर्भ में दिए गए हर एक बयान को अनिवार्य रूप से आखिरी हर्फ माना जाना चाहिए।'
पाकिस्तान की तनाव घटाने के लिए मंत्री-स्तरीय वार्ता की पाकिस्तानी विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार की कथित पेशकश पर उन्होंने कहा कि मीडिया बयान को पेशकश नहीं बताया जा सकता। खुर्शीद ने कहा, 'साफ तौर पर, इसे कोई पेशकश नहीं कहा जा सकता। मैं समझता हूं कि ये सुझाव हैं कि कैसे आगे बढ़ा जाए और संभावना है कि इसे इस तरह या उस तरह किया जा सकता है। और बेशक, सुझाव मीडिया के मार्फत आया है।' विदेश मंत्री ने कहा कि ये मामले हैं जहां कोई अगला कदम उठाने से पहले समूचे माहौल और समूचे संदर्भ का समय-समय पर सावधानीपूर्वक अध्ययन करना और विश्लेषण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'हम पहले ही कह चुके हैं कि हम मानते हैं कि तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के सुझाव देने के किसी प्रयास से द्विपक्षीय मंच की तरफ बढऩा एक सकारात्मक संकेत है।' खुर्शीद ने कहा कि यह तथ्य है कि नियंत्रण रेखा पर चीजें शांत हैं। यह तथ्य कि हमारे डीजीएमओ (सैन्य अभियान के
महानिदेशक) एक सार्थक तरीके से संपर्क में हैं। मैं समझूंगा कि यह सही दिशा में एक स्वागतयोग्य बदलाव है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया परमाणु ऊर्जा सहयोग वार्ता मार्च में
भारत इस साल मार्च में यूरेनियम की बहुतायत वाले ऑस्ट्रेलिया के साथ असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग के लिए वार्ता शुरू करेगा। विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने सोमवार को यहां ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री बॉब कार के साथ चर्चा के बाद बताया कि वे मार्च 2013 में असैन्य परमाणु ऊर्जा समझौते पर बातचीत शुरू करेंगे। बॉब कार भारत आए हुए हैं। उन्होंने कहा कि समझौते के तहत भारत को ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम का निर्यात होगा। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बातचीत का पहला दौर दिल्ली में होगा। खुर्शीद ने कहा कि इस बारे में तेजी से कदम उठाए जाएंगे। भारत विभिन्न देशों के साथ ऐसे समझौते कर चुका है जिनका मॉडल के तौर पर उपयोग किया जा सकता है। बातचीत के दौरान तय किया गया कि रक्षा मंत्री एके एंटनी रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग पर आगे की बातचीत के लिए मार्च में ऑस्ट्रेलिया जाएंगे। किसी भारतीय रक्षा मंत्री का यह पहला ऑस्ट्रेलिया दौरा होगा। ऑस्ट्रेलिया ने अक्टूबर में प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड की दिल्ली यात्रा के दौरान असैन्य परमाणु समझौते पर चर्चा शुरू करने के लिए सहमति जताई थी। गौरतलब है कि दिसंबर 2011 में गिलार्ड की लेबर पार्टी ने भारत को यूरेनियम के निर्यात पर लंबे समय से लगा प्रतिबंध हटा दिया था।
(तस्वीर: ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री बॉब कार के साथ सलमान खुर्शीद)






