ये डॉ. जोसेफ मरे को श्रद्धांजलि ही है। पहला सफल अंग प्रत्यारोपण करने वाले इस सर्जन के रास्ते पर चलकर चिकित्सा वैज्ञानिक अब लैब में ही अंग बना रहे हैं।
इन अंगों का क्लिनिकल ट्रायल शुरू होने वाला है। दावा किया जा रहा है कि अगले दो वर्षो में लैब में बनाए गए अंगों का प्रत्यारोपण किया जा सकेगा। जानिए, कितना और क्यों अहम है ये इनोवेशन।
इस शोध के संदर्भ में जानकार डॉक्टर मानते हैं कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की जान बचाई जा सकती यदि तेजी से जवाब दे रहे उनके अंगों के स्थान पर कोई डोनर अंग दे रहा होता।