नई दिल्ली। पाकिस्तान में तालिबानियों भिड़ने वाली मलाला यूसुफजाई ने भारत सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा है, 'रेपिस्टों ने लड़की को सड़क पर फेंक दिया और भारत सरकार ने उसे सिंगापुर में। अंतर क्या है?' मलाला ने
दिल्ली गैंग रेप की पीड़ित लड़की को सिंगापुर शिफ्ट करने के सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए ट्विटर के माध्यम से अपना गुस्सा निकाला है।
गौरतलब है कि दामिनी को सिंगापुर भेजने पर भारत में भी विवाद हो चुका है। भाजपा नेता मेनका गांधी का दावा है कि दामिनी की हिंदुस्तान में ही मौत हो गई थी। उसकी लाश को सिंगापुर भेजा गया था। जबकि केंद्र सरकार का दावा है कि उसे बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर के बेस्ट अस्पताल में भेजा गया था।