सूती साड़ी, हवाई चप्पल, कंधे पर कपड़े का थैला और चेहरे पर हमेशा संघर्ष के भाव। तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की यही पहचान है। समर्थकों में 'दीदी' के नाम से लोकप्रिय तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ने अपनी सादगी और संघर्ष की बुनियाद पर पश्चिम बंगाल में वाममोर्चा के 34 साल पुराने क़िले को ढहा दिया।
कम ही लोग जानते हैं कि ममता का बचपन अत्यंत ही संघर्षपूर्ण रहा। बचपन के दिनों में अपने छोटे भाई बहनों की परवरिश के लिए उन्होंने दूध बेचने का व्यवसाय तक किया।
तस्वीरों में देखें ममता बनर्जी के बचपन से लेकर केंद्रीय मंत्री और फिर सीएम बनने तक का सफर और उनसे जुड़ी कुछ अंजानी बातें...