प्रधानमंत्री पर बरसे उनके ही मंत्री
विनीता पांडेय | Jan 20, 2013, 11:29AM IST

जयपुर. चिंतन शिविर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने ही मंत्रियों का सामना करना पड़ा। कैबिनेट के कद्दावर मंत्रियों आर्थिक नीति के मोर्चे पर कमजोर रहने की बात कही। साथ ही कहा कि सरकार की फ्लैगशिप योजनाएं वोट बढ़ाने में कारगर साबित नहीं हो पा रही हैं। एक समूह की बैठक में शहरी विकास मंत्री कमलनाथ ने कहा कि 'राष्ट्रीय स्तर पर सरकार जो कुछ भी कर रही है उससे राजनीतिक फायदा नहीं हो रहा। हमें देखना होगा कि इन योजनाओं को वोट बैंक में कैसे बदला जाए।'
समूहों की चर्चा में मीडिया पर रोक थी, लेकिन बैठक में मौजूद सूत्रों का कहना है कि मणिशंकर अय्यर ने सरकार के हालिया फैसले पर गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आर्थिक सुधार के नाम पर सब्सिडी कम करने का फैसला सही नहीं है। सरकार को पहले गरीबों की चिंता करनी चाहिए। जब अय्यर सरकार के खिलाफ बोल रहे थे उस वक्त प्रधानमंत्री चुपचाप उन्हें सुन रहे थे। अय्यर के अलावा कुछ और नेताओं ने भी सरकार के हालिया फैसले को गरीबों के खिलाफ बताया। पहले मंथन हुआ इस बार चिंतन कार्यक्रम के बाहर कुछ नेता आपस में बात करते सुने गए कि पहले दो शिविर मंथन शिविर थे। इस बार चिंतन शिविर हो रहा है। कुछ सदस्य सवाल कर रहे थे 'ये चिंता किस बात की है ये तो कहो?' हालांकि, सोनिया गांधी अपने उद्घाटन भाषण में पार्टी के सामने मौजूदा चिंताओं को गिना चुकी हैं।







