इससे पहले राजनाथ ने सोमवार को पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि वे पीएम पद को लेकर कोई बयानबाजी न करें। राजनाथ ने मीडिया के माध्यम से कहा कि वे पहले भी इस बारे में कह चुके हैं और अब आखिरी बार कह रहे हैं कि इस मामले में किसी भी तरह की बयानबाजी न की जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा में परंपरा रही है कि सीएम और पीएम पद के लिए फैसला पार्टी की संसदीय समिति करती है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से कहा कि इस बारे में प्रश्न पूछे जाने पर यह कहा जाए कि पीएम पद के लिए आखिरी फैसला संसदीय बोर्ड ही लेगा। राजनाथ का कहना था कि कार्यकर्ताओं और नेताओं के ऐसे बयानों से तकलीफ होती है। उन्होंने छुपे हुए शब्दों में बयानबाजी करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी और कहा कहा कि वे आज आखिरी बार अपील कर रहे हैं और इसके बाद अपील नहीं की जाएगी।
नरेंद्र मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार बनाए जाने की मांग कई नेताओं ने की है। इसके मद्देनजर रविवार को भाजपा अध्यक्ष ने कहा था कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी सक्षम और लोकप्रिय नेता हैं। लेकिन प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का चयन पार्टी के संसदीय बोर्ड में ही होगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले चुनाव में लालकृष्ण आडवाणी को भी संसदीय बोर्ड ने ही चुना था। इस बार भी वही होगा। भाजपा अध्यक्ष ने कुंभ में हो रही संघ परिवार की बैठक में प्रधानमंत्री का उम्मीदवार तय किए जाने की अटकलें खारिज की थी। कहा, ‘हम कुंभ में जाते ही हैं। इस बार भी जाएंगे।’ गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के हिंदू आतंकवाद के बयान पर राजनाथ सिंह ने कहा कि संसद के दोनों सत्रों में पार्टी सांसद मामला उठाएंगे। साथ ही सवाल किया अगर संघ में आतंकवाद की ट्रेनिंग दी जाती है तो केंद्र सरकार संघ पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाती? सवालों के जवाब में सिंह ने कहा कि भाजपा ने राम मंदिर समेत अपने मुख्य मुद्दे नहीं छोड़े हैं।
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