नई दिल्ली. पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा भारत के दो जवानों की निर्मम हत्या के बाद देश गुस्से में है। इस हमले के बाद जहां विशेषज्ञ कड़े कदम उठाने की जरूरत बता रहे हैं, वहीं शिवसेना तो पाकिस्तान पर सीधा हमला बोलने की नसीहत दे दी है। पार्टी ने मुखपत्र 'सामना' में लिखा है कि किस काम का है हमारा एटम बम। हमारा एटम बम धूल खा रहा है। पाकिस्तान को जवाब देने का वक्त आ गया है और भारत सरकार को उसके ऊपर सीधा हमला बोल देना चाहिए (विस्तार से पढें)।
वहीं पाकिस्तान ने भारतीय जवानों के साथ हुई बर्बर वारदात पर भारत की चिंता को दरकिनार करते हुए 'प्रोपेगेंडा' करार दिया है। पाकिस्तानी सेना ने बयान जारी कर कहा है, 'ऐसा लगता है कि भारतीय सेना ने पिछले दिनों हाजी पीर के समीप पाकिस्तानी जवान की मौत के मसले से दुनिया का ध्यान हटाने के लिए यह 'प्रोपेगेंडा' रचा है।' पाकिस्तान के उच्चायुक्त सलमान ने कहा है कि पाकिस्तानी सेना ने कभी एलओसी नहीं लांघी है।
बशीर के मुताबिक शुरुआती जांच से ऐसा लगता है कि पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय जवानों की हत्या नहीं की है। भारत ने एलओसी पार कर अपने सैनिकों पर हमले और दो जवानों के सिर काट लेने की वारदात पर पाकिस्तानी उच्चायुक्त से कड़ा विरोध जताया है। वहीं शहीद हेमराज की मां ने कहा है कि उन्हें अपने बेटे की शहादत पर फख्र है। सेना से रिटायर शहीद सुधाकर सिंह के पिता ने सरकार से इस मामले में कड़ा रुख अपनाने की मांग करते हुए कहा है कि जरूरत पड़ने पर वह पाकिस्तान के खिलाफ जंग में लड़ने को तैयार हैं।
विदेश सचिव रंजन मथाई ने बुधवार को बशीर को अपने दफ्तर में तलब किया और विरोध की लिखित चिट्ठी दी। सूत्रों के मुताबिक 30 मिनट की बैठक के दौरान भारत ने पाकिस्तान से इस 'बर्बर हमले की जांच करने को कहा है। बाद में बशीर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान इस घटना की जांच संयुक्त राष्ट्र (यूएन) से कराने के लिए तैयार है। बशीर ने कहा, 'जहां तक पाकिस्तान का सवाल है तो ऐसी घटनाओं के बाद हमने मीडिया के सामने अपनी चिंता जाहिर करने के बजाय आधिकारिक चैनलों का इस्तेमाल करना सही समझा है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने हाजी पीर दर्रे के समीप पाकिस्तानी सैनिक की मौत का मसला भारतीय अधिकारियों के समक्ष उठाया था।' बशीर ने दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली के उपायों का सम्मान करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा, 'हम दोहराना चाहते हैं कि पाकिस्तान एलओसी पर सीजफायर का सम्मान करने को प्रतिबद्ध हैं। हम सरहदों पर तनाव के हालात को कम करना चाहते हैं और यह दोनों देशों को मिलकर करना होगा।' (चार महीने पहले ही पिता बने थे शहीद सुधाकर)
सेना के सूत्रों के मुताबिक शहीद जवानों में से एक जवान का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया है और उसका सिर धड़ से गायब है। आशंका है कि पाकिस्तानी सैनिक कटा हुआ सिर लेकर चले गए हैं। दूसरा शव भी क्षत-विक्षत हालत में मिला है। सूत्रों का कहना है कि भारतीय सेना पर इस हमले के पीछे पाकिस्तानी सेना के बलूच बटालियन का हाथ है।
'हमारा एटम बम धूल खा रहा है, पाकिस्तान में घुस कर बोलो हमला'
EXPERTS बोले- 1971 में भारतीय सैनिकों की आंखें तक निकाल ली थीं पाकिस्तान ने, देना होगा मुंहतोड़ जवाब