गोरखपुर/नई दिल्ली. रेलवे की एसी श्रेणी में यात्रा करने पर निर्धारित पहचान पत्र के रूप में राशनकार्ड और राष्ट्रीयकृत बैंकों के प्रमाणित पासबुक मान्य नहीं होंगे। लेकिन स्लीपर या सेकंड क्लास चेयरकार में यात्री अन्य पहचान पत्रों के अलावा इन्हें भी दिखा सकते हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे के पीआरओ एसपी मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि 15 जनवरी से फोटो पहचान पत्र लागू कर दिए गए हैं। इसके बावजूद यात्री पहचान पत्र लेकर नहीं चल रहे हैं। इसे लेकर रेलवे अभियान भी चला रहा है। उन्होंने बताया कि पहचान पत्र की फोटोकॉपी राजपत्रित अधिकारी, मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक, स्टेशन प्रबंधक व स्टेशन मास्टर से प्रमाणित होना चाहिए। किसी भी श्रेणी के ई-टिकट तत्काल टिकट तथा वातानुकूलित श्रेणियों के आरक्षित टिकट पर राशन कार्ड तथा राष्ट्रीयकृत बैंको के पासबुक पहचान पत्र के रूप में मान्य नहीं होंगे।
वहीं, दूसरी ओर आने वाले समय में आप ट्रेनों में भी जायकेदार भोजन की उम्मीद कर सकते हैं। यात्रियों को बढिय़ा भोजन सुनिश्चित करने के मकसद से रेलवे अब एक नई व्यवस्था पर गंभीरता से विचार कर रही है। ट्रेनों में ‘पैंट्री कार’ का इस्तेमाल भोजन बनाने में नहीं किया जाएगा और इनके स्थान पर देशभर में 250 ‘बेस किचन’ सुनिश्चित की जाएंगी। इन तमाम किचन को हर रोज तकरीबन 6 लाख मील्स (खाना) और स्नैक्स तैयार करने का जिम्मा दिया जाएगा। केटरिंग सर्विस से जुड़े रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘देश भर में सभी प्रमुख स्टेशनों पर बेस किचन का इंतजाम किया जाएगा। इनमें नई दिल्ली, निजामुद्दीन, पुरानी दिल्ली, हावड़ा, पटना, मुंबई और भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं।’
उन्होंने बताया कि इन सभी स्टेशनों पर साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखते हुए खाद्य पदार्थ तैयार किए जाएंगे। इससे यात्रियों को ट्रेन पर घटिया खाना मिलने की शिकायतें करने का मौका नहीं मिलेगा। इस अधिकारी ने कहा, 'ट्रेनों में पैंट्री कारों का इस्तेमाल खाना तैयार करने के लिए नहीं किया जाएगा। इसके विपरीत पैंट्री कारों का उपयोग बेस किचन में तैयार किए जाने वाले भोजन और स्नैक्स को स्टोर करने में किया जाएगा।' उन्होंने कहा कि केवल चाय, सूप और कॉफी जैसे गर्म पेय ही पैंट्री कार में तैयार किए जाएंगे।
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