विज्ञापन
 
Home >> National >> Latest News >> National >> Non Bailable Warrant Against Ramdev Aise Acharya Balkrishna

हरिद्वार में आचार्य बालकृष्ण और भोपाल में दिग्विजय सिंह गिरफ्तार

dainikbhaskar.com | Jul 20, 2012, 21:27PM IST
 
 



देहरादून. आचार्य बालकृष्ण की गिरफ्तारी को स्वामी रामदेव ने सरकार की साजिश बताया है। रामदेव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'सीबीआई ने आचार्य बालकृष्ण पर साजिश के तहत बदनाम करने के लिए आरोप लगाए हैं। सीबीआई किसी भी तरीके से न आंदोलन को रोक सकती है और न ही हमारे मनोबल तोड़ सकती है। आचार्य बालकृष्ण की जो अलोकतांत्रिक तरीके से गिरफ्तारी की गई है, हम उसका विरोध करते हैं। हमारे वकील ने सीबीआई कोर्ट के समक्ष कहा कि अभी हमें फैसले की कॉपी नहीं मिली है और हम सुप्रीम कोर्ट में जाना चाहते हैं लेकिन हमें अग्रिम कोर्ट में अपील करने से रोक दिया गया।'



सरकार पर आचार्य बालकृष्ण को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए बाबा रामदेव ने कहा, 'सीबीआई के तरीके से साफ जाहिर होता है कि यह आचार्य बालकृष्ण को बदनाम करने की साजिश है। यदि उन्हें आचार्य की डिग्री पर कोई शक है तो उसकी जांच कर ले लेकिन इस तरीके से अपमानित करने का क्या औचित्य है? यदि सरकार के पास सीबीआई और सरकारी संस्थाओं का दुरुपयोग करके आचार्य बालकृष्ण को बदनाम करने का हक है तो हमें भी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का हक है। देश भर में आंदोलन से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वो किसी भी प्रकार की हिंसा न करे।' 


इससे पहले आज बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण को हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ से गिरफ्तार कर लिया गया । देहरादून की एक अदालत द्वारा उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए जाने के बाद यह कार्रवाई हुई। उधर, भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक प्रदर्शन के दौरान पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह की भी गिरफ्तारी हुई है। 
आचार्य बालकृष्ण को फर्जी पासपोर्ट मामले में कोर्ट में हाजिर होना था। लेकिन वह पेश नहीं हुए। तब अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। इसके फौरन बाद सीबीआई की टीम पतंजलि योगपीठ स्थित बालकृष्‍ण के दफ्तर पहुंच गई। 
सीबीआई की टीम बालकृष्ण को गिरफ्तार करके देहरादून की ओर लेग गई। आचार्य बालकृष्ण के समर्थकों ने उनकी गिरफ्तारी की काफी विरोध भी किया। पतंजलि योगपीठ स्थित उनके दफ्तर से गाड़ी तक ले जाने में ही सीबीआई को आधा घंटा लग गया। 
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब बाबा रामदेव 9 अगस्‍त से विदेश में जमा काला धन भारत मंगवाने के लिए सरकार पर दबाव डालने के मकसद से बड़ा आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं।  
आरोप है कि फर्जी दस्तावेज देकर आचार्य बालकृष्ण ने पासपोर्ट हासिल किया है। सीबीआई इसकी जांच कर रही है। बालकृष्ण के पास वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से मध्यमा (इंटरमीडिएट के समकक्ष) और शास्त्री (बीए के समकक्ष) की डिग्रियां हैं। इन डिग्रियों की भी जांच चल रही है। 
उनके खिलाफ इस बात की भी जांच हो रही है कि वह शादीशुदा हैं या नहीं। उनकी वैवाहि‍क स्‍थि‍ति‍ को लेकर कुछ वि‍वादास्‍पद जानकारी मि‍ल रही है। इसके तार उत्तराखंड से नेपाल तक जुड़े बताए जा रहे हैं। इस जानकारी के आधार पर जांच की जा रही है। हालांकि‍ अभी इस बात की कोई आधि‍कारि‍क पुष्‍टि‍ नहीं हुई है। 
आचार्य बालकृष्ण रामदेव के नेतृत्‍व में चलने वाले ट्रस्‍ट की 34 पंजीकृत कंपनियों के निदेशक हैं। इन 34 कंपनियों का कुल कारोबार 265.94 करोड़ रुपए है। इन कंपनियों में 23 उत्तराखंड में, पांच उत्तर प्रदेश में,चार दिल्ली में तथा एक एक पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में है। दिल्ली की चार कंपनियों का कुल कारोबार 163.06 करोड़ रूपए,उत्तराखंड की कंपनियों का 94.84 करोड़ रूपए तथा पश्चिम बंगाल की कंपनी का कारोबार आठ करोड़ रुपए है।
करीब साल भर पहले तक पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट, भारत स्वाभिमान ट्रस्ट और उससे जुड़े संस्थानों के लिए संगठन की कमान बाबा रामदेव संभाले हुए थे और प्रशासन व पैसे से जुड़ा सारा कामकाज बालकृष्ण देखते थे। लेकिन रामदेव ने मुक्तानंद को साइनिंग अथारिटी दे दिया था। उस समय भी बालकृष्‍ण की गिरफ्तारी की आशंका के मद्देनजर ही ऐसा किया गया था, लेकिन तब वह अदालत से गिरफ्तारी के खिलाफ स्‍टे ले आए थे। यह बात पिछले साल अगस्‍त की है। 
आपकी राय
इस पूरे घटनाक्रम पर आपकी जो भी राय बनती हो, उसे नीचे कमेंट बॉक्स में लिख कर सबमिट करें और सभी पाठकों से शेयर करें।

 
 
 

आपके विचार
 
 
कोड:
6 + 9

 
Ad Link
विज्ञापन
विज्ञापन
 
 
 
 
Sabse Bada Match Fixer Contest
 
 

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

क्रिकेट

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

Email Print Comment
Email Print Comment