उत्तर-पश्चिमी हिस्से में सूखे की आशंका
नई दिल्ली. मानसून को पिछड़ते देख उत्तर और पश्चिमी भारत व कर्नाटक के एक बड़े हिस्से में सूखे की आशंका बढ़ रही है। किसानों में खरीफ फसल और चारे को लेकर चिंता बढ़ गई है। कृषि मंत्री शरद पवार ने दो टूक कहा है कि दो महीने में अच्छी बारिश नहीं हुई तो देश को 'गंभीर' हालात का सामना करना पड़ सकता है। पवार नवी मुंबई के बोंकोडे में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उद्योग जगत ने कहा, कदम उठाए सरकार: देश के बड़े इलाके में अभी तक कम बारिश होने पर उद्योग जगत ने चिंता जताई है। उद्योग परिसंघ एसोचैम और सीआईआई ने सरकार से किसानों को सब्सिडी युक्त डीजल उपलब्ध कराने और अधिक उत्पादकता वाले बीज वितरित करने जैसे उपाय करने को कहा है। एसोचैम-सीआईआई दोनों का कहना है कि कम बारिश से रोजगार, आय व खाद्य कीमतें प्रभावित होंगी।
एसोचैम ने सूखे की चुनौतियों से निपटने के लिए 15 सूत्री रणनीति का प्रस्ताव किया है।
समर्थकों द्वारा प्रधानमंत्री निवास के बाहर शनिवार को किए गए प्रदर्शन पर हजारे ने रविवार को माफी मांगी। डॉ. मनमोहन सिंह के घर के भीतर फेंके गए कोयले के टुकड़े और दीवारों पर लिखे नारों को उन्होंने गलत ठहराया। उन्होंने कहा, 'अगर ऐसा हुआ है तो मैं माफी चाहता हूं। लेकिन लोगों के भीतर का गुस्सा है। जनता आखिर कब तक बर्दाश्त करेगी।'






