आरुषि हत्याकांड: नूपुर तलवार ने सरेंडर किया
गाजियाबाद. चार साल पुराने आरुषि-हेमराज हत्याकांड में आरोपी नूपुर तलवार को कम से कम सोमवार की रात डासना जेल में गुजारनी पड़ेगी। सेशंस कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज जमानत पर फैसला कल सुनाएंगे। जब नूपुर को यह पता चला कि जमानत पर कोर्ट का फैसला कल आएगा तो वे रो पड़ीं। सीबीआई के अधिकारी नूपुर तलवार को डासना जेल ले गए।
नूपुर तलवार के वकीलों ने सेशंस कोर्ट में हिंदू मान्यताओं का हवाला देते हुए दलील दी कि जो जन्म देता है वह कभी हत्या नहीं कर सकता है। नूपुर की ओर से दी गई दलील में कहा गया है कि ब्रह्मा कभी महेश नहीं हो सकते। नूपुर के वकीलों ने सेशंस कोर्ट से अंतरिम जमानत की मांग की है।
इससे पहले नूपुर की जमानत याचिका को सीबीआई की विशेष अदालत ने खारिज कर दिया। सीबीआई की स्पेशल कोर्ट की जज ने कहा कि आपको जमानत देना हमारे न्यायिक अधिकार क्षेत्र से बाहर है। सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले के बाद नूपुर के वकील ने गाजियाबाद की सेशंस कोर्ट में जमानत के लिए अपील की थी। डासना जेल के जेलर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि नूपुर तलवार को जेल की बैरक नंबर 13 में अन्य महिला बंदियों के साथ रखा जाएगा। नूपुर के पति और आरुषि के पिता राजेश तलवार को 19 जून, 2008 को डासना जेल भेजा गया था। राजेश इनदिनों जमानत पर हैं। उनकी जमानत की मियाद 7 मई को खत्म हो रही है।
नूपुर तलवार ने सोमवार की सुबह गाजियाबाद की विशेष सीबीआई अदालत के सामने सरेंडर कर दिया। सरेंडर के बाद नूपुर ने अपने वकील के जरिए जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी। नूपुर की जमानत याचिका पेश होने के बाद सीबीआई ने जवाब दाखिल किया, जिस पर दोनों पक्षों में बहस हुई।
जमानत याचिका में नूपुर की तरफ से कहा गया कि चूंकि, इस मामले में सह आरोपी और उनके पति राजेश तलवार को जमानत मिल चुकी है, इसलिए उन्हें भी जमानत मिलनी चाहिए। नूपुर की तरफ से यह भी कहा गया है कि आरुषि उनकी बेटी थी और वह इंसाफ मांगने अदालत में आई हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि वह इस मामले में पीड़ित हैं। उनका पासपोर्ट भी जमा है। ऐसे में वह कानून से कहीं नहीं भाग रही हैं। नूपुर की ओर से यह दलील भी दी गई है कि वह महिला हैं, इसलिए भी उन्हें रियायत दी जाए।
सीबीआई के वकील की तरफ से दाखिल जवाब में यह कहते हुए नूपुर की जमानत याचिका का विरोध किया गया है, 'नूपुर आरुषि-हेमराज हत्याकांड में आरोपी हैं। यह डबल मर्डर का मामला है, जिसमें सिर्फ नूपुर की बेटी आरुषि की ही नहीं बल्कि हेमराज की भी हत्या हुई है। यह कोर्ट नूपुर को जमानत नहीं दे सकता है। जिन धाराओं में नूपुर ने जमानत मांगी है, उनमें महिला होने के नाते उन्हें कोई रियायत नहीं दी जा सकती है।'
सुप्रीम कोर्ट ने बीते शनिवार को नूपुर तलवार को समर्पण का निर्देश देते हुए उनके खिलाफ जारी गैर जमानती वॉरंट रद्द करने से इनकार कर दिया था। सीबीआई की विशेष अदालत ने यह वॉरंट 11 अप्रैल को जारी किए थे। सीबीआई की विशेष अदालत में समर्पण करने के बाद ही नूपुर की जमानत पर फैसला लिया जा सकता है।
15-16 मई, 2008 को नोएडा के जलवायु विहार में हुए इस हत्याकांड में सीबीआई की विशेष अदालत ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को मंजूर करने से इनकार करते हुए पूरे मामले की जांच नए सिरे से जांच करने का आदेश दिया था।
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