हैदराबाद. देश में भले ही किसानों के विकास और राहत को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हों, लेकिन सच्चाई आज भी कड़वी है। किसान अपना खून-पसीना एक करके अनाज पैदा करता है, लेकिन उसे उसकी उचित कीमत नहीं मिलती। अब हैदराबाद के मलकपेट के महबूब हवेली बाजार में किसानों ने प्याज को लोगों के बीच मुफ्त बांट दिया, क्योंकि उन्हें उसकी कीमत बहुत कम मिल रही थी।
प्याज की कीमत गिर जाने से निराश और उदास किसानों ने प्याज लोगों को मुफ्त में दे दिया। कुछ किसान तो प्याज की बोरियां बाजार में वैसे ही छोड़ कर चले गए। किसानों का कहना है कि उन्हें प्याज की जो कीमत मिल रही है, उससे बेहतर मुफ्त में बांटना है।
महाराष्ट्र के तोरंबा के रहने वाले किसान केशव राव के मुताबिक, "मुझे प्रति क्विंटल 1000 से 1500 रुपए मिलने की उम्मीद थी, लेकिन महज 500 रुपए कीमत मिल रही है। कुछ पैसा बनाने की उम्मीद से मैं 50 क्विंटल प्याज लेकर बाजार में आया था, लेकिन उचित कीमत नहीं मिलने से ऐसा करना पड़ रहा है।"
जानकारी के मुताबिक, कुरनूल और कर्नाटक के किसानों ने तो प्याज को बाजार में ही छोड़ दिया। कुरनूल के किसान नारायण राव ने शिकायती लहजे में कहा, "मैं 20 क्विंटल प्याज ले कर आया था। यहाँ पिछले पांच दिनों से पूरे प्याज नहीं बेच पाया। अपने उत्पाद की ऐसी हालत देख गुस्से से मैंने प्याज लोगों में बांट दिया। इस बार तो प्याज की लागत कौन कहे, आने-जाने का खर्च भी नहीं निकल पाया है।''
बाजार में ब्रोकर का काम करने वाले वी उदय ने कहा, "मैं पिछले 10 वर्षों से इस बाजार में काम कर रहा हूं, लेकिन प्याज की कीमतों में ऐसी गिरावट कभी नहीं देखी थी।"
जानकारी के मुताबिक, बुधवार तक बाजार में 9,575 क्विंटल प्याज की आवक है। किसानों की उम्मीद से बहुत कम उनको कीमत मिली। पिछले साल बाजार में 1855 क्विंटल प्याज की आवाक थी, जिसमें से 1,500 क्विंटल प्याज बेच दिया गया था। शेष दूसरे दर्जे के प्याज थे।
एएमसी हैदराबाद के उप निदेशक जी इलियाश ने कहा, "प्याज की कम कीमत का पहला कारण कर्नाटक और महाराष्ट्र में प्याज का उत्पादन अधिक होना है। दूसरा कारण, इस साल बाजार में प्याज की आपूर्ति पिछले साल की तुलना में अधिक है। हम राज्य के मुख्यमंत्री एन किरण कुमार रेड्डी से मिल कर किसानों को मुआवजा दिलाने की कोशिश करेंगे।"
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