नई दिल्ली. पाकिस्तान की ओर से लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर भारतीय सीमा (
सरहद पर हर पल ना-पाक हरकतों पर निगाह) में की जा रही फायरिंग को देखते हुए हिंदुस्तान दोनों मुल्क के बीच विदेश मंत्री के स्तर की बातचीत के लिए तैयार नहीं है। जबकि, बार्डर के पीछे पाकिस्तान की सेना की सुनियोजित साजिश काम कर रही है। दरअसल, पाकिस्तान (
पाकिस्तान ने दिखाई सीनाजोरी, भारत ने दिया कड़ा जवाब) की सेना जिन सैन्य सिद्धांतों (मिलिट्री डॉक्ट्रीन) को मानती है उसके मुताबिक वहां के जनरल यही उम्मीद करते हैं कि भारत (
आखिर क्यों कट जाते हैं हमारे सिर?) से तनाव बढ़ेगा तो उनकी साख अपने देश में बढ़ेगी। इसके अलावा भारत से तनाव का फायदा उन्हें अपने देश में लगातार सिर उठा रही ताकतों से ध्यान हटाने और पाकिस्तानी (
जानिए, पाकिस्तान में अब आगे क्या होगा?) सरकार के खिलाफ काम कर रहे जिहादी ग्रुपों की ऊर्जा को पूर्व में भारत की तरफ मोड़ने में भी मिलेगा। पाकिस्तानी सेना के इस साहित्य को 'ग्रीन बुक' कहते हैं।
वहां की सेना ऐसे ग्रीन बुक समय-समय पर छापती रहती है। इसमें पाकिस्तान सेना के सीनियर अफसर अलग-अलग मुद्दों पर लेख लिखते हैं। इन लेखों को पाकिस्तान सेना के सबसे ऊंचे अफसर यानी आर्मी चीफ जनरल अशफाक परवेज कयानी भी बहुत गंभीरता से लेते हैं। 2010 की ग्रीन बुक की प्रस्तावना में कयानी ने लिखा, 'ऐसे लेख सेना के अफसरों को चिंतन करने, सेना के सामने मौजूद चुनौतियों को पहचानने और उनके समाधान ढूंढने में में बेहद मददगार हैं।'