नई दिल्ली. पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक तीन दिवसीय भारत यात्रा पर दिल्ली पहुंच गए हैं। वो पाकिस्तान एयरफोर्स के विमान से दिल्ली पहुंचे। भारत और पाकिस्तान के बीच नए वीजा नियमों पर भी समझौता हो गया है। अब सिंगल की जगह मल्टीपल एंट्री वीजा मिलेगा। यही नहीं पाकिस्तान जाने वाले भारतीयों को पाकिस्तान वाघा से लाहौर तक की फ्री यात्रा सेवा भी देगा।
भारत और पाकिस्तान के बीच 15 मार्च 2013 से नए वीजा नियम लागू हो जाएंगे। नए नियमों के तहत ग्रुप वीजा 30 दिन के लिए जारी होगा। कम से कम 10 और अधिक से अधिक 50 लोगों के ग्रुप को मिलेगा वीजा। विशेष परिस्थिति में दो साल तक के लिए वीजा मिल सकेगा। यही नहीं यात्रा अब 3 के बजाए पांच शहरों में जा सकेंगे। यही नहीं अटारी पर वीजा ऑन अराइवल (पहुंचने पर वीजा) भी मिलेगा। 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों 45 दिन का वीजा मिल सकेगा। बिजनेस वीजा पर पाकिस्तान जाने वाले लोगों को पुलिस रिपोर्टिंग पर नहीं जाना होगा।
दिल्ली में साझा प्रैस काफ्रेंस के दौरान रहमान मलिक ने कहा कि वो 26/11 के गुनाहगारों को सजा दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि सबूतों के अभाव में हाफिज सईद को छोड़ना पड़ा था, अगर मजबूत सबूत मिलेंगे तो उसे फिर से गिरफ्तार किया जाएगा।
मलिक ने कहा, 'मैं वादा करता हूं कि वो दिन जल्द ही आएगा जब हम मुंबई हमलों के गुनाहगारों को सजा देंगे। मैं सुशील कुमार शिंदे से वादा करता हूं कि ऐसा होगा। आतंकवाद का सबसे गहरा दंश पाकिस्तान झेल रहा है। हम मुंबई के गुनाहगारों को सजा दिलवाकर रहेंगे, बातचीत से ही दोनों देशों के बीच माहौल सामान्य हो रहा है इसलिए शांति वार्ता होती रहनी चाहिए।'
दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में रहमान मलिक ने कहा कि वो अमन का पैगाम लेकर आए हैं। कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना की क्रूरता का शिकार हुए कैप्टन सौरभ कालिया के परिवार से उन्होंने माफी भी मांगी। रहमान मलिक ने यह भी कहा कि यदि जमात-उद-दावा के मुखिया हाफिज सईद के खिलाफ कोई भी मजबूत सबूत मिल जाता है तो वह उसे गिरफ्तार करवाने से नहीं हिचकेंगे। उन्होंने कसाब के इकबालिया जुर्म बयान को सबूत मानने से इंकार कर दिया।
इससे पहले दिल्ली पहुंचने पर मलिक ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'मैं भारतीय कौम, मीडिया और सभी अवाम से गुजारिश करूंगा कि मेरे साथ आए और शांति और सुरक्षा का माहौल बनाए। हमारी नई नस्लें कराची, क्वेटा जैसे हालात नहीं चाहती, वो बंबई जैसे हालात नहीं चाहती हैं, बल्कि वो बेहतर भविष्य चाहती हैं मैं अपने आवाम की ओर से, अपनी कौम की ओर से और अपने देश के राष्ट्रपति की ओर से अमन का पैगाम लेकर आया हूं, दोनों देशों के बीच हालात खराब थे, हालात खराब हो रहे हैं इसलिए ही तो हम अमन की बात कर रहे हैं ताकि हालात बेहतर हो सकें।'
हाफिज सईद के बारे में पूछे गए सवाल पर रहमान मलिक ने कहा, 'मैं भारत अमन का पैगाम लेकर आया हूं। हम यहां शांतिवार्ता करने आए हैं। जो हालात उस दिन थे और जो आज हैं उनकी तुलना कीजिए। तब आप समझेंगे की हालात बेहतर हो रहे हैं, और हम उन्हें और बेहतर करने में जुटे हैं। हाफिज सईद के बारे में बहुत प्रोपागेंडा किया जा रहा है, हमारे ऊपर बहुत दवाब है, हमने हाफिज सईद को तीन बार गिरफ्तार भी किया है। हमारे पास कोर्ट के दस्तावेज हैं जो कहते हैं कि हाफिज सईद बेगुनाह है। मैं भारत में यह बात कह रहा हूं कि यदि हाफिज सईद के गुनाहगार होने का कोई भी सबूत मिलता है तो हम हाफिज सईद को गिरफ्तार कर लेंगे। सबूतों को मीडिया के सामने लाइये, आप आज सबूत दिखाइये मैं भारत से ही हाफिज सईद को गिरफ्तार किए जाने का आदेश दे दूंगा। हमारे लिए न्याय महत्वपूर्ण है, हमने पाकिस्तान में सात लोगों को गिरफ्तार भी किया है। सिर्फ कसाब के बयानों को अदालत नहीं मानती है। कानून के जानकार जानते हैं कि किसी भी बयान को साबित करने के लिए सबूतों की जरूरत होती है।'
भारत के शहीद कैप्टन सौरभ कालिया के परिवार से माफी मांगने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में रहमान मलिक ने कहा, 'दुनिया में कोई भी इंसान इस तरह की गलती के लिए माफी मांग लेगा, जंग में गोलियां निशाने में फर्क नहीं करती। आपके प्रधानमंत्री भी शांति चाहते हैं, हम नहीं चाहते कि दोबारा कभी ऐसा हो, इसलिए ही तो मैं भारत आया हूं। इस मामले में मेरे पास बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है, मैं उस सिपाही के पिता से मिलकर उनका हाल जानना चाहूंगा। हम अभी यह भी नहीं जानते हैं कि वह पाकिस्तानी गोली से मारे गए थे या फिर बुरे मौसम से।'
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