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मारुति की कारें महंगी, पेट्रोल होगा सस्‍ता

dainikbhaskar.com | Oct 04, 2012, 07:41AM IST
 
 

नई दिल्ली। इस माह के अंत तक पेट्रोल की कीमतों में एक रुपए 60 पैसे तक की कमी आ सकती है। डॉलर की तुलना में रुपए में मजबूती के चलते ऐसी संभावना बन रही है। एक डॉलर की कीमत अभी 52.28 रुपए के स्तर पर है। 
 
मल्टी ब्रांड रिटेल में सीधे विदेशी निवेश की अनुमति दिए जाने से डॉलर के मुकाबले रुपया पांच महीने के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया है। इससे तेल कंपनियों का आयात बिल घट गया है। पेट्रोल की बिक्री पर वे फिलहाल मुनाफा कमा रही हैं। एक सरकारी तेल कंपनी के अधिकारी ने कहा कि एक अक्टूबर से पेट्रोल की बिक्री पर प्रति लीटर एक रुपए 60 पैसे का लाभ हो रहा है। 
 
मारुति की कारें 5250 रुपए तक महंगी 
 
देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी ने कारों के दाम ५२५० रुपए तक बढ़ा दिए हैं। बढ़ती लागत और डॉलर के मुकाबले रुपए में उतार-चढ़ाव को देखते हुए मारुति ने यह फैसला किया। मारुति ने कारों के दाम में बढ़ोतरी का ऐलान ऐसे समय में किया है जब फेस्टिव सीजन को भुनाने के लिए कंपनी अगले महीने नई ऑल्टो-800 लॉन्च करने की तैयारी में है। इधर कई कार कंपनियां दाम में बढ़ोतरी का ऐलान कर चुकी हैं और कई दाम बढ़ाने का ऐलान करने वाली हैं। 
 
प्रीमियम कार बनाने वाली होंडा ने एक अक्टूबर से ब्रीयो, जैज और सिटी सेडॉन के दाम 0.2-2.6 फीसदी बढ़ा दी है। जैज हैचबैक के दाम 15,000 रुपए तक बढ़ गए हैं। सिटी सेडान 6,000 महंगी हो गई है। महिंद्रा एंड महिंद्रा दूसरी कुछ कंपनियां भी कीमत बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। 
 
आर्थिक सुधार पर आज बड़े फैसले के आसार
 
केंद्रीय मंत्रिमंडल की गुरुवार को बैठक होनी है। इसमें आर्थिक सुधार से जुड़े अहम फैसले होने के असार हैं। खास तौर से पेंशन सेक्टर को विदेशी निवेश के लिए खोला जा सकता है। साथ ही बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 26 से बढ़ा कर 49 फीसदी की जा सकती है। 
 
इसके अलावा वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) को पूरी तरह स्वायत्त करने के लिए फॉरवर्ड कांट्रैक्ट रेग्यूलेशन एक्ट पर भी फैसला हो सकता है। तृणमूल के विरोध के कारण इस पर फैसला नहीं हो रहा था। कंपनी बिल पर भी फैसला हो सकता है। ताकि सभी सेक्टर में कंपनी एक्ट में शामिल किया जा सके। 
 
कैबिनेट 12वीं पंचवर्षीय योजना को भी मंजूरी दे सकती है। सरकार ने 14 सितंबर को मल्टी-ब्रांड रिटेल में एफडीआई की सीमा 51 फीसदी तक बढ़ा दी थी। इसके साथ ही एविएशन में भी एफडीआई को मंजूरी दी गई थी। इससे एक दिन पहले डीजल की कीमत में इजाफा किया गया था और रियायती गैस सिलेंडर की संख्या साल में छह तय कर दी गई थी। 
 
इन पर फैसला संभव 
 
पेंशन सेक्टर में विदेशी निवेश को मंजूरी ञ्चबीमा क्षेत्र में एफडीआई 26 से 49 फीसदी करना। पीडीएस के लिए दाल और तेल के आयात पर फैसला। आईडी एफ के गठन का प्रस्ताव मंजूर हो सकता है। 12वीं योजना का मसौदा भी मंजूर हो सकता है। कंपनी एक्ट पर भी हो सकता है फैसला 
 

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