नई दिल्ली. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी नहीं चाहते कि पार्टी नेता बार-बार उन्हें प्रधानमंत्री बनाने की मांग करें। शनिवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने यह मांग राहुल गांधी के सामने उठाई तो वे नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि वे अपना काम कर रहे हैं उन्हें (यानी बहुगुणा को) अपना काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो काम करेंगे, उन्हें ईनाम मिलेगा और जो काम नहीं करेंगे, उन्हें सजा के लिए तैयार रहना चाहिए। दरअसल दो दिनों तक पार्टी के नेताओं की आपसी फूट को देखकर खिन्न राहुल गांधी ने सबको संगठन की मजबूती के लिए कड़वी खुराक पिलाई।
सामने आया संगठन और सरकार का झगड़ा
राहुल इस बात से भी चिंतित नजर आए कि जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां सरकार और संगठन में झगड़ा है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार और संगठन में संवाद होना चाहिए। को ऑर्डिनेशन पर उन्होंने खास जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग सरकार में हैं वे अपना काम करें और संगठन के लोग अपना काम करें, लेकिन दोनों में समन्वय होना चाहिए। राहुल गांधी ने एक्टिविटीज पर खास जोर देने को कहा। बैठक के समापन के वक्त राहुल करीब पंद्रह मिनट बोले और आगे की दिशा नेताओं को समझाई।
चुनावी राज्यों मे ज्यादा दौरे
चुनावी राज्य राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्षों के अनुरोध को स्वीकार करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उनका फोकस चुनावी राज्यों पर है वे वहां ज्यादा दौरे करेंगे। राहुल ने साफ तौर पर नेताओं को संकेत दिया कि इन राज्यों में चुनाव आसान नहीं है लिहाजा अपने झगड़े भुलाकर नेता सरकार बनाने के लिए काम करें।
राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रभान और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जयपुर में उपाध्यक्ष बनने की वजह से अब उनका राजस्थान से विशेष नाता है। दोनों नेताओं के अनुरोध पर राहुल ने कहा कि वे कार्यक्रम तैयार करें।