छत्तीसगढ़ : नेताओं के लाड़ले भी सियासी समर में उतरने को तैयार
सचिन देव | Feb 08, 2013, 16:06PM IST

नई दिल्ली. भारतीय राजनीति में युवाओं की बयार के दौर में छत्तीसगढ़ के कांग्रेस और भाजपा नेताओं के लाड़ले भी चुनावी राजनीति में उतरने के लिए दस्तक दे रहे हैं। अपने लाड़लों के सक्रिय राजनीति में उतरकर पहली जीत का सेहरा बंधते देखने का सपना संजोए बैठे इन पिताओं (राजनेताओं) को फिलहाल अपनी-अपनी पार्टी की हरी झंडी का इंतजार है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल और महेंद्र कर्मा के पुत्र चुनाव लडऩे की तैयारी में हैं। पिता का राजनीतिक रसूख और सक्रियता के आधार पर वे चुनावी समर में उतरने की योजना बना रहे हैं।
इस कड़ी में पहला नाम आता है संकोची और विवादों से दूर रहने वाले मुख्यमंत्री रमन सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह का। रमन के मुख्यमंत्री बनने के बाद से स्थानीय स्तर पर राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र से मुख्यमंत्री के परिवार खासकर पुत्र को टिकट दिए जाने की मांग लगातार उठती रही है। लेकिन रमन ने इसका फैसला संगठन पर छोडऩे की बात कहकर विकल्प खुले रखे। वैसे अभिषेक राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र में सक्रिय हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के करीबी लोगों और पार्टी संगठन में वर्ष 2014 के संसदीय चुनाव में राजनांदगांव से अभिषेक को मौका मिलने की अटकलें जोरों पर है। वर्तमान में मुख्यमंत्री के विश्वस्त मधुसुदन यादव राजनांदगांव से सांसद हैं। उधर, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी भी अनौपचारिक चर्चा में अपने पुत्र की पिछले दस वर्षों की कड़ी मेहनत की सराहना करते थकते। मगर पिता के मरवाही और माता रेणु जोगी के विधायक होने की वजह और मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य के चलते राज्य की 90 विधानसभा सीटों में से एक ही परिवार के तीन सदस्यों को विधानसभा टिकट मिलना शायद मुमकिन न हो। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अमित जोगी को चुनाव लड़ाने के लिए हो सकता है कि उनकी मां रेणु चुनाव न लड़ें।
वहीं कांग्रेस के चिंतन शिविर में प्रदेश अध्यक्षों को चुनाव न लड़ाए जाने का मुद्दा उठने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल के पुत्र दिनेश कुमार पटेल के चुनावी संग्राम में उतरने के संकेत हैं। दिनेश अपने पिता के विधानसभा क्षेत्र खरसिया में लंबे समय से चुनाव प्रबंधन की कमान संभाले हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक पिता के खरसिया से चुनाव लड़ने की स्थिति में उन्हें जांजगीर जिले की चंद्रपुर विस सीट से भी किस्मत आजमाने में परहेज नहीं है। वरिष्ठ नेता सत्यनारायण शर्मा के पुत्र और रायपुर ग्रामीण अध्यक्ष पंकज शर्मा फिलहाल अपने पत्ते खोलने को तैयार नहीं हैं। पंकज ने कहा कि पार्टी का जो भी निर्देश होगा, उसका पालन करेंगे।
विधानसभा के साथ-साथ लोकसभा चुनाव की तैयारियों में भी जुटे पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि प्रदेश कांग्रेस नेता महेन्द्र कर्मा के पुत्र दीपक कर्मा को दंतेवाड़ा से विधानसभा चुनाव लडऩे का मौका मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक महेन्द्र कर्मा ने बस्तर में हुए संसदीय उपचुनाव में दावेदारी की थी, लेकिन जोगी के विरोध के चलते उन्हें मौका नहीं मिला था। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अमित जोगी को चुनाव लड़ाने के लिए हो सकता है कि उनकी मां रेणु चुनाव न लड़ें।







