नई दिल्ली. अफजल गुरु को फांसी देने के साथ ही इस मामले पर राजनीति तेज हो गई है। गुजरात में इसी मुद्दे पर विधानसभा चुवाड़ लड़ी और जीती बीजेपी को लग रहा है कि कांग्रेस ने उसके हाथ से एक मुद्दा छीन लिया है। इसलिए पहले फैसले का स्वागत करने वाली बीजेपी ने बाद में इसे देर से उठाया गया कदम बताया। वहीं कांग्रेस इस मामले पर किसी तरह की टिप्पणी सुनने को तैयार नहीं है।
बीजेपी की फांसी में देर करने संबंधी टिप्पणी करने पर कांग्रेस उसे कांधार कांड की याद दिला रही है। दोनों ओर से इस बारे में बयानबाजी रविवार को भी जारी रही। हालांकि शनिवार को अफजल को फांसी देने का सभी राष्ट्रीय दलों ने स्वागत किया था लेकिन बीजेपी के साथ ही बसपा सुप्रीमो मायावती ने इसे देरी से लिया फैसला बताया था। वहीं रविवार को जम्मू और कश्मीर के सीएम उमर अबदुल्ला ने भी कहा कि उन्हें इस फैसले में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने अफजल को फांसी देने को गलत तक कहा।