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प्रतिभाशाली विरासत

डॉ. भारत अग्रवाल | Nov 05, 2012, 12:08PM IST
प्रतिभाशाली विरासत
नई प्रतिभा
एक चीज ऐसी है, जो शरद पवार को भाजपा के ज्यादा नजदीक साबित करती है। मुलायम सिंह और सोनिया गांधी से लेकर तमाम छोटे-बड़े नेता अपने-अपने बेटों को अपना राजनैतिक वारिस बनाने में जुटे हुए हैं। सिर्फ शरद पवार और उनके पूर्व साथी पीए संगमा इसके अपवाद हैं। इन दोनों ने अपनी-अपनी पुत्रियों को राजनीति में आगे बढ़ाया है। और यही चीज पवार को भाजपा के नजदीक साबित करती है। दरअसल प्रतिभा आडवाणी के बाद भाजपा में अब बांसुरी कौशल की चर्चा है। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज की पुत्री बांसुरी खास तौर पर तब नजर आती हैं, जब विदेशी मेहमान सुषमा स्वराज से मिलने आते हैं। हिलेरी क्लिंटन, श्रीलंका के राष्ट्रपति महिन्दा राजपक्षे, बांग्लादेश में विपक्ष की नेता खालिदा जिया- बांसुरी सबके साथ नजर आ चुकी हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि बांसुरी राजनीति में आएंगी या नहीं।


प्रतिभाशाली विरासत
बात एक और प्रतिभा यानी टैलेंट की। प्रणबदा ने मुगल गार्डन में घूमने की इच्छा क्यों जताई थी? शायद इसलिए कि वे राष्ट्रपति भवन के अंदर के कमरों में घूमना नहीं चाहते थे। कमरे गंदे पड़े थे। लेकिन प्रणबदा को विरासत में इस गंदगी में छिपा खजाना मिला है। बेहद बेशकीमती पेंटिंग्स का ढेर, जिनमें आधा दर्जन तो जैमिनी रॉय और जोगेन चौधरी की थीं। अब इन पेंटिंग्स को संभालकर रखा जा रहा है और उन्हें राष्ट्रपति के सचिवालय की दीवारों पर सजाया जा रहा है। ढेर ज्यादा हुआ, तो बाकायदा एक या दो म्यूजियम भी बनाए जा सकते हैं। इसे कहते हैं- प्रतिभाशाली विरासत।



...मददे खुदा
एमएम पल्लम राजू नए मानव संसाधन विकास मंत्री बने हैं। नई लुंगी में पत्नी के साथ शपथ लेने पहुंचे पल्लम राजू ने सलमान खुर्शीद को विदेश मंत्री बनने की बधाई तो दी ही, अपनी तरफ से मजाक ही मजाक में एक डिमांड भी रख दी। वो ये कि भई जब हिना रब्बानी खर से कोई द्विपक्षीय बातचीत हो, तो हमें मत भूलना। वो भी अपनी पत्नी के सामने कह दिया। मान गए। मर्दाना हिम्मत हो तो ऐसी।


नो कन्फ्यूजन
टीडीसैट के मौजूदा चेयरमैन जस्टिस एसबी सिन्हा रिटायर होने जा रहे हैं। चार साल में जस्टिस सिन्हा ने कई मामले निपटाए हैं। लेकिन अब उनके बाद किसी और को टीडीसैट का चेयरमैन बनाने का सरकार का मूड नहीं है।


शरीफ आदमी हैं
उधर कानून मंत्रालय में खुर्शीद के उत्तराधिकारी हैं अश्विनी कुमार। पीएम के भरोसेमंद हैं। सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं। सज्जन व्यक्ति माने जाते हैं। अभी तक उनका कोई एनजीओ-वैनजीओ भी नहीं है। शरीफ आदमी हैं।


थैंक गॉड
उधर सुना है कि अरविंद केजरीवाल के पास कांग्रेस-भाजपा के दो-दो मुख्यमंत्रियों और एक केंद्रीय मंत्री का कच्चा-चिट्ठा तैयार है। थैंक गॉड, विदेश मंत्रालय चैन से चलेगा।


नीली पूजा
ममता बनर्जी को शेरनी तो हमेशा ही कहा जाता रहा है, इस बार मनमोहन सिंह सरकार से समर्थन वापस लेकर उन्होंने यह भी दिखा दिया कि वे सिर्फ गुर्राती नहीं हैं। जाहिर है, बंगालभर में दुर्गा पूजा पंडाल ममता के रंग में रंग गए। ममता को देवी दिखाने की भाजपाई गलती तो किसी ने नहीं की, लेकिन पंडाल लाल के बजाय नीले रंग में रंगे गए। ममता कोलकाता को नीला बनाने की मुहिम में जो लगी हैं।

हवाई मामला
नागरिक उड्डयन विभाग में संयुक्त सचिव हैं प्रभात कुमार। पहले संयुक्त राष्ट्र में थे। आज भी उन्हें वेतन संयुक्त राष्ट्र ही दे रहा है।

टीआरपी प्वाइंट
नवजोत सिद्धू भाजपा के अंदर एक स्वायत्तशासी निकाय, वो क्या कहते हैं, ऑटोनॉमस बॉडी की तरह हैं। भाजपा के लाख मना करने के बावजूद चले गए बिग बॉस में। अब राजनीति के बिग बॉस इस टीवी वाले बिग बॉस को गौर से देख रहे हैं। आखिर पार्टी की इज्जत का सवाल है। हालांकि एसएमएस करने के लिए कोई राजी नहीं है। न 'यस' में, न 'नो' में।


वनस्पत्यै शांति:
इन दिनों एक जुमला चल पड़ा है कि कांग्रेस के भाषण लेखकों में जरूर कोई वनस्पति शास्त्र का विद्वान शामिल हो गया है। 'बनाना रिपब्लिक', 'मैंगो मैन' और 'पैसे पेड़ पर नहीं उगते' सरीखी वनस्पति शास्त्र की गंभीर नई-नई खोज सामने आ रही हैं। शपथ ग्रहण के बाद भी बाहर रह गए कांग्रेस वालों का कहना है कि वनस्पति शास्त्र का यह विद्वान जरूर पूरक परीक्षा में पास हुआ होगा। हमें तो पता नहीं, लेकिन यह खोज करने वाले विद्वान आंध्र प्रदेश से काफी पढ़े-लिखे हैं। ठीक ही कह रहे होंगे।



ये एक्सप्रेसवे है बाबू
आपको विट्ठल रादडिय़ा याद हैं? हमें जरूर याद आ गए थे। गुजरात के कांग्रेस सांसद हैं और उनका लाइफटाइम एचीवमेंट ये है कि एक टोल प्लाजा पर साब से जब टोल टैक्स मांगा गया था, तो साब ने अपनी बंदूक अपना आईकार्ड समझकर तान दी थी। बहरहाल हाल ही में यूपी के मंत्री और सीएम के चाचा शिवपाल सिंह यादव यमुना एक्सप्रेसवे की सैर पर निकले। एस्कॉर्ट गाड़ी, जो साब के वीआईपी होने का ऐलान करने के लिए सायरन बजाते हुए आगे-आगे दौड़ती है, हमेशा की तरह जरा ज्यादा ही आगे दौड़ गई थी। लिहाजा जब टोल टैक्स प्लाजा आया, तो हुज्जत हो गई। न आईकार्ड, न बंदूक, न एस्कॉर्ट गाड़ी। यकीन मानो, लंबी बहस क बाद साब को टोल चुकाना पड़ गया।

येदियुरप्पा की पार्टी-शार्टी
येदियुरप्पा भाजपा छोड़कर जाएंगे या नहीं जाएंगे? भाजपा वाले कमल के फूल की पत्तियां उखाड़-उखाड़कर अंदाज लगा रहे हैं, लेकिन बाकी लोगों को उतना भी चैन नहीं है। खबर ये है कि समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस ने येदियुरप्पा से संपर्क तक साध लिया है कि भैये जब पार्टी बनाओ और पार्टी-शार्टी दो, तो हमें भी बुलाना। चर्चा ये है कि येदियुरप्पा सुब्रह्मण्यम स्वामी की जनता पार्टी की कर्नाटक फ्रेंचाइजी ले लेंगे। देखते हैं, क्या होता है।


ऊंची बात
यकीन मानिए, हम तो टॉयलेटों की रहस्यमयी शक्ति का लोहा मान चुके हैं। बहुत पहले एक बार आपको बताया था कि कैसे योजना आयोग में पचास लाख का टॉयलेट बना और कैसे 32 रुपए वाले अमीर आदमी का आइडिया वहीं सृजित हुआ था। अब आगे खबर ये है कि गडकरी के निर्देश पर 11 अशोक रोड में भाजपा का दफ्तर एकदम नए सिरे से बन रहा है। एक रिसर्च फाउंडेशन भी बनाई जा रही है। और चर्चा यह है कि गडकरी को भी ये आइडिया यहां के टॉयलेट की हालत देखकर सूझा था। उनका कहना था कि अगर टॉयलेट ही अच्छा नहीं है, तो माहौल कैसे अच्छा होगा। ऊंची बात है।
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