राष्ट्रपति चुनाव के लिए आज नामांकन करेंगे प्रणब और संगमा
नई दिल्ली. जेडी (यू) प्रमुख शरद यादव ने राष्ट्रपति पद के लिए बीजेपी समर्थित उम्मीदवार पीए संगमा को आड़े हाथों लिया है। शरद यादव ने कहा कि वे नहीं चाहते हैं कि कोई ऐसा व्यक्ति राष्ट्रपति बने जिसे फैसला लेने के लिए सलाहकारों की जरूरत पड़े। शरद यादव की पार्टी जेडी (यू) राष्ट्रपति पद के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी का समर्थन कर रही है।
गुरुवार को शरद यादव ने एक बार फिर साफ किया कि एनडीए में कोई मतभेद नहीं है। यादव के मुताबिक उनकी पार्टी सिर्फ प्रणब मुखर्जी का राष्ट्रपति पद के लिए समर्थन कर रही है। यह समर्थन यूपीए के लिए नहीं है। मीडिया में खबरें आ रही हैं कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की कोशिशों के बावजूद शरद यादव प्रणब मुखर्जी के नामांकन के दौरान नज़र नहीं आए। कांग्रेस के जो नेता शरद यादव को मनाने में लगे थे उनमें केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल और राजीव शुक्ला शामिल बताए जा रहे हैं।
इससे पहले छत्तीसगढ़ से आने वाले बड़े आदिवासी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम गुरुवार को 'बागी' तेवर दिखाते हुए पीए संगमा के साथ उनके नामांकन में नज़र आए। इससे उनकी पार्टी नाराज हो गई है और उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। कांग्रेस के महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने इस बाबत जानकारी दी, 'अरविंद नेताम को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।' पांच बार सांसद रहे 70 साल के अरविंद नेताम ने कुछ दिनों पहले छत्तीसगढ़ में पीए संगमा के समर्थन में बुलाई गई रैली में सभी आदिवासी सांसदों और विधायकों से राष्ट्रपति चुनाव में संगमा का समर्थन करने की अपील की थी।
राष्ट्रपति पद के चुनाव में यूपीए के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को टक्कर देने के लिए मैदान में उतरे पीए संगमा ने गुरुवार को दोपहर 2.31 बजे राज्यसभा सचिवालय में पर्चा दाखिल कर दिया (देखें तस्वीरें)। इस दौरान बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, वसुंधरा राजे, अकाली दल के प्रकाश सिंह बादल, बीजेडी के नवीन पटनायक मौजूद रहे। नवीन पटनायक ने कहा कि संगमा उनकी पार्टी के उम्मीदवार हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने सबसे पहले उनकी उम्मीदवारी का ऐलान किया था। बाद में अन्य दलों ने उन्हें समर्थन दिया।
इस बीच, संगमा को बड़ा झटका लगता दिख रहा है। ऐसी खबर आ रही है कि एआईएडीएमके चीफ जयललिता ने उनके समर्थन को लेकर राय बदल ली है। बताया जा रहा है कि जया ने लालकृष्ण आडवाणी को फोन कर इसके संकेत दिए हैं। भाजपा संगमा के साथ है, जबकि एनडीए में उसके साथी दल जेडी-यू और शिवसेना प्रणब को समर्थन दे रहे हैं।
इससे पहले 11.30 बजे के करीब प्रणब मुखर्जी ने गुरुवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए यूपीए उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया। नामांकन के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, यूपीए चीफ सोनिया गांधी, राहुल गांधी के अलावा मुलायम सिंह, लालू यादव, राम विलास पासवान, फारुख अब्दुला, टी आर बालू सहित कई नेता मौजूद रहे। जिस वक्त प्रणब मुखर्जी ने नामांकन दाखिल किया तो गठबंधन दल के सभी नेताओं ने फार्म को हाथ लगाकर उनके प्रति अपने समर्थन का संकेत दिया। इस मौके पर कांग्रेस शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद थे। (देखें तस्वीरें)
कांग्रेस ने प्रणब को समर्थन दे रहे सभी दलों के नेताओं को साथ रख कर एक तरह से ताकत जताने की कवायद की और ममता बनर्जी को संदेश देने की कोशिश भी की। तृणमूल प्रणब की उम्मीदवारी के हक में नहीं थी। प्रणब के नामांकन के दौरान पार्टी का कोई नेता मौजूद नहीं था।
नामांकन भरने के बाद प्रणब मुखर्जी ने कहा कि बड़ी संख्या में पार्टियां उनका सपोर्ट कर रही हैं। इसमें सपा और बसपा जैसे दल शामिल हैं। कई ऐसे दल भी हैं, जो यूपीए में शामिल नहीं हैं लेकिन मुझे सपोर्ट कर रही हैं। इनमें जेडीयू, शिवसेना जैसे दल हैं। मैं इन सभी लोगों का शुक्रिया करता हूं।
प्रणब के राष्ट्रपति पद के लिए दौड़ में शामिल हो जाने के बाद मनमोहन सिंह और कांग्रेस के लिए उनकी जगह भरने की चुनौती है। मनमोहन सिंह फिलहाल खुद वित्त मंत्री का काम संभाल रहे हैं। उन्हें नया वित्त मंत्री जल्दी ही नियुक्त करना होगा, जबकि नेता सदन का चयन करने के लिए अभी कांग्रेस अध्यक्ष के पास थोड़ा वक्त है।
PHOTOS: ढोल बजाते हुए पर्चा भरने पहुंचे संगमा







