नई दिल्ली। महंगाई की मार से पस्त जनता को अब रेल मंत्रालय एक बड़ा दर्द देने जा रहा है। ट्रेन और रेलवे स्टेशन पर बिकने वाले खाद्य पदार्थ की कीमतें जल्दी बढ़ सकती है। इसमें चाय, कॉफी से लेकर नाश्ता-खाना तक शामिल है। यदि रेलवे के सूत्रों की मानें तो चाय तीन से पांच रुपये और कॉफी चार से बढ़ कर सात रुपये की हो सकती है। नाश्ते की कीमत 17 रुपये से बढ़कर तीस रुपये और जनता खाना दस से बढ़ा कर सीधे 20 रुपये किया जा रहा है। इस बारे में फैसला हो गया है और जल्द ही इसे लागू कर दिया जाएगा। रेलवे ने पानी (रेल नीर) का दाम पहले ही बारह रुपये से बढ़ाकर पंद्रह रुपये प्रति बोतल कर दिया है।
राजधानी एक्सप्रेस और शताब्दी ट्रेनों में मिलने वाला खाना (जिसके पैसे टिकट के साथ ही ले लिए जाते हैं) भी महंगा होगा। यह बढ़ोतरी अगले साल से लागू हो सकती है। तब किराए में वृद्धि और खान-पान का करार नए सिरे से आवंटित किया जाना है।
गौरतलब है कि ट्रेन और रेलवे स्टेशन पर बिकने वाले खाद्य पदार्थ की कीमतें काफी समय से नहीं बढ़ी हैं। जिसके कारण इनकी क्वॉलिटी और मात्रा दोनों ही लगातार गिरती जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि दाम बढ़ने से खान-पान की चीजों की क्वॉलिटी में सुधार आएगा।
इतना ही रेल मंत्रालय के नए दिशा निर्देश के अनुसार, सभी कोच के अंदर खाने पीने के सामान का रेट कार्ड भी चिपकाया जाएगा। ताकि, यात्रियों से अधिक दाम नहीं लिया जा सके। इसके साथ ही रेल में सीजनल सब्जी उपलब्ध कराना ठेकेदार की जिम्मेदारी होगी। क्योंकि, सीजनल सब्जी सस्ती और फ्रेश होती है।
रेल मंत्री बनते ही पवन बंसल ने इस बात के संकेत दे दिए थे कि रेलवे में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने सबसे पहले रेल किराया बढ़ाने की बात की थी। हालांकि, राजनीति स्थिति अनुकूल नहीं होने के कारण रेल मंत्री इससे बचते रहे हैं।