नई दिल्ली/हरिद्वार. हरिद्वार के प्रसिद्ध जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर पद से राधे मां को निलंबित कर दिया गया है। उनकी न्युक्ति की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। जांच पूरी होने तक वह निलंबित रहेंगी।
बताते चलें कि राधे मां के जूना अखाड़ा का महामंडलेश्वर बनने के बाद से ही कई सवाल उठ खड़े हुए थे। इस घटना के बाद से राधे मां की चर्चा और जोर पकड़ने लगी है।
बताते चलें कि उनके अनुयायी उन्हें दुर्गा का अवतार बताते हैं। कहा जाता है कि वह न तो कुछ बोलती हैं और न ही प्रवचन देती हैं, लेकिन उनकी नजरों का कायल हर कोई है। हालांकि, एक चैनल का दावा है कि वह बोलती हैं। पंजाब के होशियापुर की रहने वाली इस महिला के आयोजनों में लाखों लोग शरीक होते रहे हैं। शहर भर में बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर लगाकर इनका प्रचार किया जाता है।