मोदी से सीधी टक्कर नहीं चाहते हैं राहुल गांधी?
नई दिल्ली.क्या गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से चुनावी मैदान में राहुल गांधी की सीधी टक्कर से कांग्रेस बचना चाह रही है? क्या 2014 के चुनावों से पहले कांग्रेस राहुल गांधी को मोदी के खिलाफ नहीं खड़ा करना चाहती है।
दरअसल, कांग्रेस ने राहुल गांधी को गुजरात चुनाव में मुख्य चुनाव प्रचारक नहीं बनाने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश में राहुल की अगुवाई में मिली करारी हार से शायद सबक लेते हुए कांग्रेस ने अपनी रणनीति बनाई है। कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी जब पूछा गया कि क्या राहुल गांधी गुजरात विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी के लिए प्रचाक करेंगे तो उन्होंने कहा, 'सभी राज्यों के चुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं। कांग्रेस की राज्य ईकाई गुजरात में चुनाव लड़ने में सक्षम है।'
जानकार मानते हैं कि कांग्रेस आलाकमान के इस फैसले का गुजरात के आम कांग्रेसी कार्यकर्ता के मनोबल पर बुरा असर पड़ेगा, जो यह उम्मीद कर रहा है कि उनका शीर्ष नेतृत्व मोदी के खिलाफ उनकी चुनावी लड़ाई में बढ़चढ़कर हिस्सा लेगा। जानकार मानते हैं कि कांग्रेस प्रवक्ता के बयान से साफ है कि पार्टी आलाकमान गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए राहुल गांधी को झोंकने के बाद होने वाले फायदे को लेकर निश्चित नहीं है।
वैसे, भी मनीष तिवारी की बात इसलिए भी गले नहीं उतरती क्योंकि उत्तर प्रदेश में भी चुनाव राज्य स्तरीय या स्थानीय मुद्दों पर ही लड़े गए और यूपी में पार्टी की ईकाई गुजरात की ईकाई से किसी मायने में कमजोर नहीं कही जा सकती है। फिर भी राहुल गांधी ने यूपी में चुनाव प्रचार की अगुवाई की।









