मुस्लिमों की शरण में गए रामदेव! कहा- जो मौलाना नहीं कर सकते वह करेगा बाबा

नई दिल्ली.बाबा रामदेव ने मुस्लिम समुदाय से जुड़ने की अब तक की सबसे बड़ी पहल करते हुए शनिवार को दिल्ली में मुस्लिम समुदाय के रहनुमाओं के साथ बैठ की और कहा कि वो अपनी अगली रैलियों में मुस्लिमों के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाएंगे। रामदेव ने कहा, 'यदि तुम्हारे मौलाना तुम्हारी आवाज नहीं उठा सकते तो ये बाबा तुम्हारी आवाज उठाएगा।' ऑल इंडिया यूनाइटेड मुस्लिम मोर्चा द्वारा इंडिया इस्लामिक कल्चर सेंटर में आयोजित कांफ्रेंस में बोलते हुए रामदेव ने अनुसूचित जातियों के आरक्षण में पिछड़े मुस्लमानों को भी हिस्सा देने की वकालत की। रामदेव ने यह भी कहा कि वो सरकार में मुसलमानों की ज्यादा भागीदारी की भी मांग करेंगे। रामदेव ने कहा, 'लोग कहते हैं कि मैं योग गुरु हूं, भगवा चोला पहनता हूं और मुसलमानों के मुद्दों में यकीन नहीं रखता, जो ऐसा कहते हैं वो पतंजलि योगपीठ आकर देखें, वहां तीन हजार मुस्लिम युवा काम करते हैं। वहां हिंदू-मुस्लिम का कोई भेद नहीं है। सरकारी नौकरियों में भी ऐसा ही होना चाहिए। नेताओं ने हमें बांट दिया हैं लेकिन अब हमें उनके इरादों को नाकाम करना होगा।'
रामदेव ने कहा कि जब मुझे इस कांफ्रेंस के लिए बुलाया गया था तब बताया गया था कि अनुसूचित जातियों के विषय में बात करने वाला संविधान का अनुच्छेद मुस्लिम और ईसाई दलितों की बात नहीं करता है। यह अन्याय है और इसमें बदलाव होना चाहिए। सभी दलितों के बराबर हक होने चाहिए। इसके लिए संघर्ष के मैं भी दिल से साथ हूं।
मुस्लिम विद्वानों के साथ बैठक में आंदोलन की रणनीति पर विचार किया गया। योग गुरु ने कहा कि वे अपने आंदोलन में सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं। यही वजह है कि चार जून को दिल्ली में होने वाले अनशन के दौरान उर्दू में भी पोस्टर बैनर लगाए जाएंगे। बाबा के इस बयान को अल्पसंख्यकों को भी अपने अभियान से जोड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। इस मौके पर बाबा रामदेव ने आर्मी चीफ जनरल वीके सिंह से अपील भी की है कि वे रिटायर होने के बाद काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे उनके आंदोलन से जुड़ें। जनरल वीके सिंह इसी महीने के अंत में रिटायर हो रहे हैं।








