नई दिल्ली। बेटियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। घर से लेकर हॉस्टल तक में इन्हें हैवान अपना शिकार बना रहे हैं। कभी यह हैवान खुद पिता होते हैं तो कभी शिक्षक। दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे पिता को अरेस्ट किया है जो अपनी सात साल की बेटी के साथ ही बलात्कार करता था।
दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ के कांकेर जिला में 11 बच्चियों से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीडि़त लड़कियां नरहरपुर ब्लॉक के आदिवासी बालिका आश्रम में रह कर पढ़ाई करती हैं। उनकी उम्र महज 8 से 13 साल के बीच है। आश्रम के एक शिक्षाकर्मी और चौकीदार को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक शनिवार देर रात कांकेर के महिला एवं बाल विकास अधिकारी शैल ठाकुर ने आश्रम के चौकीदार और शिक्षाकर्मी के खिलाफ थाने में रिपोर्ट लिखाई थी। रविवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी शिक्षाकर्मी मन्नूराम गोटी को बर्खास्त कर दिया गया है। जबकि चौकीदार दीनानाथ नागेश और आश्रम अधीक्षिका बबीता मरकाम को निलंबित किया गया है। पुलिस ने सभी बच्चियों की जिला अस्पताल में मेडिकल जांच कराई है। तीन सदस्यीय महिला डॉक्टरों की टीम ने 9 लड़कियों से दुष्कर्म की पुष्टि की है।
दो साल से कर रहे थे दुष्कृत्य
आरोपी शिक्षाकर्मी और चौकीदार पिछले दो साल से आश्रम में पदस्थ थे। पुलिस के मुताबिक दोनों उसी समय से आश्रम में रहने वाली छात्राओं से दुष्कर्म करते आ रहे हैं। शुक्रवार को एक व्यक्ति ने इस मामले की गोपनीय शिकायत जिला कलेक्टर अलरमेल मंगई डी से की थी। कलेक्टर ने अपनी जांच में शिकायत को सही पाया।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कन्या आश्रम की छात्राओं के साथ दुष्कर्म किए जाने की घटना को गंभीरता से लिया है। उन्होंने इसे शर्मनाक और निंदनीय बताते हुए कहा कि इसमें दोषी पाए गए किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस बालिका आश्रम की स्थापना 2006 में हुई थी। फिलहाल इसमें कुल 43 बच्चियां हैं। विभाग द्वारा इन बच्चियों को मुफ्त में पांचवीं कक्षा तक की आवासीय शिक्षा दी जाती है। आश्रम में इससे पहले भी एक-दो बार छात्राओं से दुष्कर्म की बात सामने आई थी। लेकिन लोक-लाज के कारण गांव के लोगों ने इसे रफा-दफा कर दिया।