महाराष्ट्र के भंडारा जिले में तीन सगी नाबालिग बहनों से दुष्कर्म और हत्या के मामले में एक पुलिस अधिकारी निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने लड़कियों के माता-पिता को 10 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की भी है। इस घटना को लेकर भंडारा में आक्रोश व्याप्त है लेकिन देश के दूसरे हिस्सों में इसकी गूंज नहीं सुनाई दे रही है। दिल्ली की दिल दहला देने वाली वारदात के कुछ दिनों के बाद सरकार और पुलिस ने कार्रवाई की लेकिन भंडारा के मामले में एक हफ्ते के बाद ही कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
सवाल यह है कि छोटे शहरों में गैंग रेप की घटनाएं होती हैं तो दामिनी गैंग रेप के बाद जैसा गुस्सा राजधानी की सड़कों पर दिखा, वैसा गुस्सा आखिर यहां क्यों नहीं दिखता है? राष्ट्रीय महिला आयोग ने भंडारा में एक टीम भेजने का फैसला किया है। ये टीम भंडारा जाएगी और पूरे मामले की तहकीकात करेगी। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने बताया कि आयोग ने इस कांड को गंभीरता से लिया है और जांच कर मामले की सच्चाई सामने लाने की कोशिश होगी। वहीं पुलिस ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। महाराष्ट्र पुलिस के एडीजी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पुलिस अभी तक आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है। लेकिन पुलिस कई पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने इस घटना को बेहद दु:खद और दर्दनाक बताया है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और जांच में पुलिस को मदद करने की अपील की है। राज्य के गृह मंत्री आरआर पाटिल ने बताया कि दुष्कर्म और हत्या की वारदात लाखनी पुलिस स्टेशन की सीमा में हुई। वहां के प्रभारी अधिकारी को निलंबित किया गया है। दोषियों को पकडऩे के लिए पुलिस ने 12 टीमें बनाई हैं।