'सांसद बनाने के लिए सचिन-कांग्रेस में हुई डील'

नई दिल्ली. सचिन तेंडुलकर को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने को लेकर राजनीति तेज हो गई है। सीपीआई के वरिष्ठ नेता गुरुदास दास गुप्ता ने सचिन के मनोनयन पर सवाल खड़ा करते हुए कहा, 'अगर सचिन को राज्यसभा के लिए नामित किया गया तो सौरव गांगुली के नाम पर विचार क्यों नहीं किया गया? सौरव ने भी देश के लिए कई अच्छी पारियां खेली हैं। ऐसे फैसलों से यह नहीं लगना चाहिए सिर्फ क्रिकेट को ही संरक्षण और समर्थन दिया जा रहा है। अन्य खेलों और उनके खिलाड़ियों को भी पर्याप्त सम्मान और प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।' सचिन के ही मनोनयन पर उठे सवाल का जवाब देते हुए कांग्रेस के नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा, 'सचिन के मनोनयन के साथ ही कहीं से शुरुआत तो हुई ही है।'
कांग्रेस की पहल पर राज्यसभा सदस्य के लिए राष्ट्रपति की तरफ से सचिन को नामित किए जाने पर शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा है कि यह सचिन और कांग्रेस के बीच का मामला है और इसके बारे में वे दोनों ही जानें। वहीं, भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे ने कहा कि सचिन का सम्मान ही करना था तो उन्हें राज्यसभा सीट देने के बजाय 'भारत रत्न' दिया जाना चाहिए।
इस बीच, कांग्रेस ने सचिन तेंडुलकर को पार्टी में आने का न्योता दिया है। कांग्रेस के नेता और लोकसभा सदस्य संजय निरूपम ने कहा है कि सचिन को कांग्रेस को शामिल होना चाहिए। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर फैसला सचिन को करना है। शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में सचिन के बहाने कांग्रेस पर निशाना साधा है। राउत ने कहा, 'कांग्रेस ध्यान बांटने का काम कर रही है और उसका मन कभी पवित्र नहीं होता है। कांग्रेस हमेशा कोई न कोई फायदा उठाने के चक्कर में रहते हैं। कांग्रेस की कोशिश है कि वह सचिन की लोकप्रियता को भूनाए।'
संजय राउत के मुताबिक, 'कपिल देव और सुनील गावस्कर जैसे संन्यास ले चुके कई क्रिकेटरों को राज्यसभा भेजा जा सकता था। लेकिन कांग्रेस ने अब भी क्रिकेट खेल रहे सचिन का चुनाव किया।'
सचिन के राज्यसभा में आने पर सीधी प्रतिक्रिया देने की बजाय गोल मोल जवाब देते हुए राउत ने कहा, 'तेंडुलकर अब भी क्रिकेट खेलना चाहते हैं। सचिन को खुद सोचना चाहिए कि राज्यसभा जाना चाहिए या नहीं।' राष्ट्रपति ने सचिन तेंडुलकर, रेखा और अनु आगा के राज्यसभा सांसद बनने को मंजूरी दे दी है। राउत ने कहा कि सचिन शानदार खिलाड़ी हैं और सांस्कृतिक तौर पर समृद्ध परिवार से आते हैं।'
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क्या सचिन का एक क्रिकेटर के तौर पर सक्रिय रहते हुए राज्यसभा सदस्य बनना सही है? क्या कांग्रेस की पहल पर सचिन के राजनीति में आने का यह सही समय है? सचिन को राज्यसभा में लाने की कोशिश के पीछे कौन से नेता हो सकते हैं? इस मुद्दे पर अपनी संतुलित राय जाहिर करें।
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