नई दिल्ली. राज्यसभा में संविधान में 117वें संविधान संशोधन बिल को वोटिंग के लिए ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया गया। राज्यसभा में बिल बहुमत से पास हो गया है। सरकार इसी हफ्ते इसे लोकसभा में भी ला सकती है।
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री सुशील शिंदे के एक बयान से आज संसद में हास्यास्पद स्थिति बन गई। शिंदे ने एक बयान पढ़ते हुए मुंबई हमले के मास्टरमाइंड को 'श्री हाफिज सईद' कह कर संबोधित किया।
उधर, प्रमोशन में आरक्षण बिल (
प्रमोशन में रिजर्वेशन: सियासत और हकीकत) को लेकर संसद में जोरदार हंगामा रहा। उत्तर प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी सपा ने संसद के दोनों सदनों में इस बिल के विरोध में जोरदार हंगामा किया। उधर, उत्तर प्रदेश में सड़कों पर भी हंगामा जारी है। उत्तर प्रदेश सरकार के आरक्षण विरोधी कर्मचारियों ने लखनऊ में कांग्रेस
दफ्तर में तोड़फोड़ (
देखें तस्वीरें) की है।
दिल्ली में हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को रोकना पड़ा। लोकसभा में सुबह कार्यवाही शुरू होते ही मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में सपा के सांसदों ने प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सपा के सांसद अध्यक्ष के आसन के सामने पहुंचकर नारेबाजी कर रहे थे। पौने बारह बजे जब लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो सपा के सांसदों ने अध्यक्ष के आसन के सामने जाकर प्रमोशन में आरक्षण के विरोध में जोरदार नारे लगाने शुरू किए। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। 12 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो सदन के माहौल में बड़ा फर्क नहीं आया और सपा के सांसदों की नारेबाजी जारी रही। इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए टाल दी गई।
राज्यसभा में सपा के नेता राम गोपाल यादव ने सच्चर समिति की सिफारिशों को लागू करने की मांग उठाई। सच्चर समिति ने मुसलमानों को आरक्षण दिए जाने की सिफारिश की है। राज्यसभा सभापति हामिद अंसारी ने राम गोपाल यादव से शून्य काल के दौरान इस मुद्दे को उठाने को कहा। लेकिन राम गोपाल यादव की ही पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल ने अपनी पार्टी के अन्य सांसदों से सभापति के आसन के पास चलने को कहा। इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया और कार्यवाही आधे घंटे तक टालनी पड़ी। राज्यसभा में 11.40 बजे कार्यवाही शुरू हुई तो सदन में हंगामा नहीं हुआ और संसद सदस्यों ने अपने सवाल रखे।