थलसेना को सौंपा गया हेलीकॉप्टर ‘रुद्र’
डीडी वैष्णव | Feb 09, 2013, 16:00PM IST

यलहंका एयरबेस (बेंगलुरू). एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर ‘रुद्र’ को थलसेना में शामिल कर लिया गया है। इसके साथ ही थलसेना अटैक हेलीकॉप्टर से लैस हो गई है। पहले चरण में आर्मी को 60 हेलीकॉप्टर दिए जाएंगे। एयरो इंडिया 2013 में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के चेयरमैन आरके त्यागी ने शुक्रवार को आर्मी के डिप्टी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल नरेंद्र सिंह को ‘रुद्र’ सौंपा। त्यागी ने लेफ्टिनेंट जनरल सिंह को हेलीकॉप्टर की प्रतिकृति सौंपी। इस दौरान सिंह ने कहा कि यह सेना के लिए मील का पत्थर साबित होगा। सेना की हवाई ताकत बढ़ेगी। जमीनी जंग में भी अहम भूमिका निभाएगा। रुद्र हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइल भी दाग सकता है।
अग्नि-6 की डिजाइन तैयार
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम इंटरकॉन्टीनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) अग्नि-6 बना रहा है। डीआरडीओ प्रमुख वीके सारस्वत ने कहा कि इसकी डिजाइन तैयार कर ली गई है। यह मल्टीपल इंडीपेंडेंटली टारगेटबल री-एंट्री व्हीकल (एमआईआरवी) मिसाइल है। यानी, यह एक साथ कई हथियार ले जा सकेगी। इससे एक ही मिसाइल से एक ही समय में कई ठिकानों को निशाना बनाया जा सकेगा। इसकी रेंज 6 से 10 हजार किलोमीटर तक होगी। अभी इस श्रेणी की मिसाइल रूस व अमेरिका के पास है।
क्रूज मिसाइल रक्षा कार्यक्रम पर काम जारी
सारस्वत ने कहा कि डीआरडीओ क्रूज मिसाइल रक्षा कार्यक्रम विकसित कर रहा है। इससे सशस्त्र बल कम ऊंचाई पर उड़ रही दुश्मन की क्रूज मिसाइल और विमान को मार गिराने में सक्षम होंगे।
डीआरडीओ के अन्य प्रोजेक्ट : एंटी रेडिएशन मिसाइल प्रोग्राम अभी एडवांस स्टेज पर है।, अभी ‘हेलिना’ तैयार हो चुकी है, जिसकी रेंज 7 किमी है।
-स्वदेश इंसास राइफल का नया वर्जन जल्दी आएगा।
-अर्जुन मार्क-2 टैंक में में 63 बदलाव किए हैं। दूसरा समर ट्रायल इस साल रेगिस्तान में होगा।
-एलसीए तेजस को दूसरी ऑपरेशनल क्लियरेंस मिलेगी। अब तक 200 उड़ानें हो चुकी है।
रूस के ‘शूरवीरों’ की आसमां में दहाड़
रूस के आकाशीय शूरवीरों (रशियन नाइट्स) की पांच सदस्य एरोबिक्स टीम एयर शो के तीसरे दिन पहुंची। सुपरसोनिक लड़ाकू विमान सुखोई 27 के साथ यहां लैंड हुई टीम ने हवाई करतबों से सबको रोमांचित कर दिया।







