नई दिल्ली. भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के ट्रस्ट को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। ट्रस्ट की ओर से लगाए गए विकलांगों के लिए कैंपों की सच्चाई जानने के लिए यूपी में जांच चल रही है। जांच से जुड़े अधिकारियों ने दावा किया कि 13 जिलों में 34 स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने हस्ताक्षर फर्जी बताए हैं। वहीं, इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के लोगों ('पॉलिटिकल सेक्स कर रहे हैं केजरीवाल')
के साथ मीडिया भी खुर्शीद के ट्रस्ट पर लग रहे आरोपों की पड़ताल में जुटा है। इसके साथ ही इलाहाबाद हाई कोर्ट में दायर याचिका में खुर्शीद के खिलाफ कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की गई है। केजरीवाल ने हालांकि दिल्ली में संसद मार्ग पर अपना विरोध-प्रदर्शन खत्म कर दिया है लेकिन उन्होंने अब कानून मंत्री के संसदीय क्षेत्र में आंदोलन का ऐलान किया है।(पढ़ें: आठ कारण- केजरीवाल को रास्ता बदलने पर करना चाहिए विचार)
खुर्शीद (VIDEO: पत्रकार के सवालों पर भड़के खुर्शीद ने खोया आपा) के ट्रस्ट डॉ. जाकिर हुसैन ट्रस्ट की तरफ से ऐसे गांवों में विकलांग शिविर लगाने का जिक्र है, जिन गांवों का वजूद ही नहीं है। एक स्थानीय अखबार का दावा है कि यूपी के बुलंदशहर जिले में कुछ गांवों में विकलांगों को ट्राईसाइकिल और अन्य सामान वितरित करने के लिए कैंपों का आयोजन 'ऑन पेपर' ही हो गया। रिकार्ड में जिन गांवों में कैंप लगाने का जिक्र है, हकीकत में वे जिले में है ही नहीं।
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