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संगमा का सनसनीखेज दावा-लाभ के पद पर हैं प्रणब

dainikbhaskar.com | Jul 02, 2012, 14:21PM IST
 
 


नई दिल्ली.पीए संगमा ने राष्ट्रपति पद के लिए यूपीए के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि पूर्व वित्त मंत्री अब भी लाभ के पद पर हैं। राष्ट्रपति के चुनाव में प्रणब को चुनौती दे रहे बीजेपी समर्थित उम्मीदवार संगमा ने कहा है कि प्रणब मुखर्जी भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) के अध्यक्ष हैं। 
 
संगमा का दावा है कि यह लाभ का पद है इसलिए वे राष्ट्रपति पद के लिए अयोग्य हैं और उनका नामांकन रद्द होना चाहिए। राष्ट्रपति चुनाव के लिए चुनाव अधिकारी बनाए गए राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल को अपने वकील सतपाल जैन की ओर से भेजी गई शिकायत में मांग की गई है कि लाभ के पद के कानून के तहत प्रणब मुखर्जी का नामांकन रद्द किया जाए। जनता पार्टी के सुब्रमण्यम स्वामी ने भी संगमा का समर्थन करते हुए प्रणब का नामांकन रद्द करने की मांग की है।  
 
यह खबर मीडिया में आते ही भारतीय सांख्यिकी संस्थान के कोलकाता में मौजूद ऑफिस ने सफाई दी। ऑफिस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि प्रणब मुखर्जी ने 20 जून को ही इस्तीफा दे दिया था। आईएसआई ने अपने बयान में कहा कि प्रणब मुखर्जी अध्यक्ष पद पर रहते हुए कोई भत्ता वगैरह नहीं लेते थे और यह मानद पद था। मुखर्जी के करीबी सूत्रों का कहना है कि प्रणब ने आईएसआई के कार्यक्रमों में ही हिस्सा लिया था।
हालांकि, यह सफाई आने से कुछ देर पहले तक संस्थान की वेबसाइट पर प्रणब मुखर्जी को संस्थान का अध्यक्ष बताया गया था। लेकिन इसके तत्‍काल बाद वेबसाइट से प्रणब का नाम हटा लिया गया और अध्‍यक्ष के रूप में किसी का नाम नहीं रहा (तस्वीर में)। भारतीय सांख्यिकी संस्थान का झूठ सामने आ गया है। संस्थान के निदेशक ने एक निजी चैनल से बातचीत में दावा किया कि उनके संस्थान की वेबसाइट अपडेट नहीं की गई है। जबकि प्रणब को लेकर उठे विवाद के तुरंत बाद सोमवार को दो बजे के आसपास वेबसाइट अपडेट की गई। 
लेकिन इस मुद्दे पर केंद्र सरकार प्रणब मुखर्जी के बचाव में आगे आ गई है। संसदीय मामलों के मंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा, प्रणब मुखर्जी ने इस्तीफा दे दिया था। इसलिए लाभ के लिए पद का कोई सवाल नहीं उठता है। इस मामले में सामने आ रही आपत्ति में तथ्यात्मक गलतियां हैं। 
 
 
लाभ के पद को लेकर विवाद से कांग्रेस का पुराना नाता रहा है। 2006 में लाभ के पद के ही मुद्दे पर सोनिया गांधी को लोकसभा से इस्तीफा देना पड़ा था।
 
19 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं, जिसका नतीजा 23 जुलाई को आएगा। राष्‍ट्रपति चुनाव में उम्‍मीदवार 4 जुलाई तक नाम वापस ले सकते हैं। राज्यसभा सचिवालय में नामांकन पत्र की जांच का काम अब मंगलवार तक के लिए टाल दिया गया है।

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