संगमा की मांग खारिज, प्रणब का नामांकन स्वीकृत

नई दिल्ली. संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी का नामांकन भले ही मंगलवार को मंजूर कर लिया गया हो, लेकिन भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) से उनके इस्तीफे पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बीजेपी नेता अनंत कुमार ने प्रणब मुखर्जी के दस्तखत पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रणब मुखर्जी के इस्तीफे पर किया गया दस्तखत फर्जी है। उनके आईएसआई के अध्यक्ष पद से हटने के लिए किए गए दस्तखत और उनके सामान्य दस्तखत में बहुत फर्क है।
बीजेपी ने यह मामला तब उठाया जब प्रणब के खिलाफ 'लाभ के पद' के आधार पर उन्हें अयोग्य ठहराए जाने से जुड़ी पी.ए. संगमा की मांग खारिज कर दी गई।
गौरतलब है कि प्रणब के सामान्य दस्तखत और आईएसआई के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले कागज पर दस्तखत में काफी फर्क है।
दूसरी तरफ, मुखर्जी के चुनावी एजेंट और संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'प्रणब का नामांकन स्वीकृत कर लिया गया है। भारतीय सांख्यिकीय संस्थान से उनका इस्तीफा वैध था।' कांग्रेसी खेमा यह भी कह रहा है कि किसी भी व्यक्ति के दो दस्तखत अलग-अलग हो सकते हैं।
गौरतलब है कि सोमवार को उस समय एक विवाद पैदा हो गया था, जब संगमा खेमे ने मुखर्जी की उम्मीदवारी खारिज करने की मांग की। संगमा खेमे ने आरोप लगाया कि वह कोलकाता स्थित आईएसआई के अध्यक्ष के रूप में लाभ के एक पद पर बने हुए हैं।
बाद में आईएसआई ने एक बयान जारी कर कहा कि मुखर्जी ने 20 जून को ही इस्तीफा दे दिया था। इस विवाद के कारण नामांकन पत्रों की जांच का काम एक दिन आगे बढ़कर मंगलवार को चला गया।







