नई दिल्ली। संत आसाराम बापू ने
दिल्ली गैंगरेप (पिता ने दुनिया को बताया बेटी का नाम) रेप केस को दुखद बताया है। लेकिन वे इसके लिए पीडि़त छात्रा और दुष्कर्मियों, दोनों को दोषी मानते हैं। आसाराम ने रविवार को भरतपुर में कहा, ‘मैंने
उस बेटी (पीडि़त छात्रा) के परिजनों को संदेश भिजवाया है कि वे खुद को अकेला न समझें। जो बेटी मरी है, वह उनके घर में अकेली कमाने वाली थी, अब कमाने वाली नहीं रही। अब दिक्कतें आ सकती हैं। मुझे बेटा मान लें। मैं कमी दूर करूंगा लेकिन सत्य यह भी है कि घटना के लिए सिर्फ वे शराबी पांच-छह लोग दोषी नहीं थे। ताली दोनों हाथों से बजती है। किसी को वो भाई बनाती, पैर पड़ती और बचने की कोशिश करती। अब कड़े कानून की बात सरकार करती है तो इसमें भी घाटा हो सकता है। दहेज हत्या संबंधी जो कानून बने, उनका दुरुपयोग हो रहा है। कहीं ऐसा न हो नया कानून जो बने उसका भी दुरुपयोग हो जाए। ऐसा हुआ तो पुरुषों के साथ गलत हो जाएगा, फिर रोएगी तो कोई मां-बहन ही।'
बयान पर बवाल होने के बाद आसाराम बापू ने कहा, 'मैंने बड़े सद्भाव से बोला था लेकिन विदेशी पैसे से चलने वाले चैनल कह रहे हैं बापू ने ऐसा बोल दिया, बापू ने वैसा बोल दिया।' वहीं आसाराम के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए फिल्म अभिनेता रणबीर कपूर ने कहा है कि ऐसा बयान देना सही नहीं है, आसाराम को अपना दिमाग चेक कराना चाहिए।
आसाराम के इस बयान के बाद सभी राजनीतिक पार्टियां उनकी निंदा कर रही हैं। भाजपा ने जहां इसे शर्मनाक बताया है, वहीं मेनका गांधी ने आसाराम के बयान की निंदा करते हुए इस घटिया घोषित किया है। उनके इस बयान पर भाजपा भड़क गई है। पार्टी के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उनका यह बयान पूरी तरह अस्वीकार्य है। जबकि राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने आसाराम के बयान पर कहा कि आसाराम जी बड़े संत है, ऐसे बयान देने से बचना चाहिए। ममता शर्मा ने कहा कि साधु-संतों को महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बयान देना चाहिए। ऐसे बयान रेपिस्टों के मनोबल को बढ़ाने वाला साबित हो सकते हैं। (
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गहलोत बात मानें वरना वोट बैंक मेरा भी है
आसाराम ने यह भी कहा था कि दुराचार की घटनाएं रोकने के लिए उन्होंने छत्तीस गढ़ में नया कानून बनवा दिया। 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाना अपराध है लेकिन मातृ पुत्री पूजन त्योहार है। सरकार ने सभी स्कूल कॉलेजों में मातृ पुत्री पूजन अनिवार्य कर दिया है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मानवतावादी हैं। वह भी ऐसा करें और कानून बनाएं वरना वोट बैंक मेरा भी है। वे बात नहीं मानेंगे तो मेरी बात श्रद्धालु जरूर मानेंगे।
हालांकि, आसाराम की ओर से बयान पर सफाई आई है। दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद उनकी ओर से एक प्रेस नोट भेजा गया है। इसमें बताया गया है- दिल्ली में सामूहिक दुष्कर्म की पीड़ित के लिए बापूजी ने कहा कि उसने अगर सारस्वत्य मंत्र की दीक्षा ली होती तो ऐसा नहीं होता। वह किसी भी एक दुष्कर्मी को अपना भाई बनाकर कहती कि भैया आप तो मेरे भाई हैं। आप मेरी रक्षा करो। उन दुष्कर्मियो में एक भी मेरा सत्संगी होता तो ऐसा नहीं होता, क्योंकि सत्संगी हर एक स्त्री को मां-बहन की नजर से देखता है। वह उसे बचा लेता।