सिर्फ नीलामी ही रास्ता नहीं: सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली. प्राकृतिक संसाधनों की नीलामी पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि प्राकृतिक संसाधनों की नीलामी ही एकमात्र रास्ता नहीं है। 2जी मामले में कोर्ट के फैसले से जुड़े प्रेसिडेंसियल रिफरेंस पर पांच जजों की संविधान पीठ ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया। हालांकि कोर्ट ने प्राकृतिक संसाधनों की नीलामी पर बीच का रास्ता अख्तियार किया है। कोर्ट ने कहा है कि नीलामी से आय बढ़ सकती है लेकिन इससे पहले जनहित पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
कोर्ट के मुताबिक नीतियां बनाना सरकार के विवेक पर निर्भर करता है। लेकिन सरकार की नीतियों की समीक्षा संभव है। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि इस फैसले का 2जी मामले पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कोर्ट ने कहा है कि अगर कोई प्राकृतिक संपदा किसी निजी कंपनी को उसके कमर्शियल फायदे के लिए दी जाती है तो उसे सिर्फ नीलामी के जरिये ही दिया जाना चाहिए नहीं तो, इसे कानून का उल्लंघन माना जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी 2012 को 122 टेलीकॉम लाइसेंस रद्द करने का आदेश दिया था। सरकार ने कोर्ट के इस फैसले पर संविधान के अनुच्छेद 143(1) के तहत 12 अप्रैल को प्रेसिडेंसियल रिफरेंस दायर किया था।






