कांग्रेस की सत्ता को सबसे अधिक डराते हैं अशोक खेमका
dainikbhaskar.com | Oct 24, 2012, 11:41AM IST

नई दिल्ली. हरियाणा के किसी भी दल की सरकार रहे, अशोक खेमका सभी के लिए मुसीबत ही साबित हुए हैं। लेकिन इस अधिकारी से सबसे अधिक परेशान कांग्रेस सरकार हुई है। भजन लाल की सरकार से लेकर भूपिंदर सिंह हूडा तक की सरकार इस अधिकारी से खार खाती है। इसी तरह ओम प्रकाश चौटाला और बंशी लाल भी इस अधिकारी से परेशान थे।
खेमका सबसे अधिक कांग्रेस सरकार के लिए संकट बन कर उभरे हैं। कांग्रेस के कुल 13 साल के शासन काल में खेमका का 28 बार तबादला हुआ। जबकि, इंडियन नेशनल लोक दल के शासन काल में जब ओम प्रकाश चौटाला सत्ता में आए तो उनके शासन काल में इस अधिकारी को 11 बार तबादले की मार झेलना पड़ा। इसी तरह जब हरियाणा विकास पार्टी के बंशी लाल मुख्यमंत्री बने तो अशोक खेमका का 8 बार तबादल हुआ। सब मिलाकर अशोक खेमका किसी भी सरकार के लिए मुफीद साबित नहीं हुए।
1991 बैच के आईएएस अशोक खेमका 21 वर्ष में 42 बार तबादला झेल चुके हैं। इस बार उनको फिर तबादला आदेश रात को साढ़े दस बजे घर पर घंटी बजाकर मिला तो वे चौंक गए थे लेकिन इस बार ठान ली है कि ड्यूटी ज्वाइन मुख्य सचिव से कसूर पूछ कर ही करूंगा। यही उन्होंने भी किया भी। मीडिय़ा में खुलेआम आने के बाद उनके तबादलों को लेकर हरियाणा में खासा बवाल मच गया है।
फिलहाल अशोक खेमका अपने तबादले को लेकर मुख्य सचिव से मिलने के बाद संतुष्ट नजर आ रहे हैं। उन्होंने मुख्य सचिव से मिलने के बाद कहा कि अब मुझे कोई शिकवा नहीं है यदि किसी आईएएस अधिकारी को कोई आपत्ति है तो वह कोर्ट जा सकता है।
वर्ष 2012 में अशोक खेमका का अब तक कुल छह बार तबादला हो चुका है। मई, 2012 से लेकर जुलाई 2012 तक सूचना विभाग में स्पेशल सेक्रेटरी पर रहने वाले खेमकाको पहले लैंड रेवेन्यू विभाग में डीजी फिर स्पेशल कलेक्टर बना दिया गया। फिलहाल वह बीज डेवलपेमेंट कॉपरेशन के एमडी हैं। इसी तरह कांग्रेस शासन काल में वर्ष 2010 में उनका चार बार तबादला हुआ। अप्रैल, 2010 से लेकर अगस्त 2010 तक खेमका एफसीआई में निदेशक के पद पर तैनात रहे। लेकिन कुछ ही महीने में उन्हें वहां से हटकर पहले पर्सनल एंड जनरल एडमिन में भेजा गया, फिर प्लानिंग एंड प्रोग्राम डिपार्टमेंट में ओएसडी बना दिया गया। एक महीने तक वह मेंबर सेक्रेटरी, ओएसडी और स्पेशल सेक्रेटरी की भूमिका निभाते रहे।
कांग्रेस सरकार के दौरान ही वर्ष 2007 में उनका पांच बार तबादला हुआ। आठ महीने तक वित्त विभाग में स्पेशल सेक्रेटरी रहने के बाद उन्हें एक महीने के लिए योजना विभाग में भेज दिया गया। फिर यहां से वे एक महीने के लिए लैंड रेवन्यू, फिर एग्रीकल्चर विभाग में आए गए। इसके बाद उन्हें एक महीने से भी कम समय के लिए ग्रामीण विकास विभाग में रखा गया। य हा से उन्हें फिर लैंड रेवन्यू विभाग में भेज दिया गया।
भजन लाल के शासन भी तबादलों की मार झेल चुके हैं खेमका
कांग्रेस के भजन लाल के शासन में भी अशोक खेमका 7 बार तबादले की मार झेल चुके हैं। वर्ष 1994 और 1995 में दो दो बार और वर्ष 1996 में खेमका का तीन बार तबादला हो चुका है।
पूरा सबूत दूंगा : खेमका
सीनियर आईएएस अशोक खेमका ने कहा है कि पंचायती जमीन की खरीद-फरोख्त में कथित गड़बड़ी को लेकर गठित जांच कमेटी में उन्हें बुलाया गया तो वे जरूर जाएंगे। खेमका ने कहा कि वे कमेटी में सबूतों के साथ पेश होंगे। हालांकि अभी उन्हें बुलाया नहीं गया लेकिन उनका कहना है, 'मैं इस मामले में पीछे हटने वाला नहीं हूं। पूरी जांच कराके ही दम लूंगा।'
उधर, खेमका ने मंगलवार को फ्लैट से कोठी में शिफ्ट कर लिया। अब उनका मकान बड़ा हो गया है। खेमका पहले सेक्टर 19 में ही फ्लैट में रहते थे। उन्होंने यूटी में आवेदन कर रखा था लेकिन नंबर नहीं लग रहा था। रामनवमी को उन्होंने नए सरकारी मकान नंबर 1373 में शिफ्ट कर लिया। खेमका ने बताया ने उनको यह मकान यूटी से प्रक्रिया के तहत मिला है। इधर, दिन भर चर्चा रही कि वे अपनी सिनियरिटी के हिसाब से लंबे समय से बड़े मकान के लिए प्रयासरत थे लेकिन नहीं मिल रहा था। अब मिल गया। कोठी में शिफ्ट होने के बाद उन्होंने देर शाम भास्कर से बातचीत में कहा कि मकान शिफ्ट कर लिया है, थकान भी काफी रही।







