नई दिल्ली। बिहार के नेता और जद(यू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने कहा है कि फिल्मों में आइटम डांस दिखाए जाते हैं, जिन्हें देखकर लोगों का मन खराब हो रहा है। इंद्र के समय स्वामी विश्वामित्र की तपस्या भंग करने के लिए सुंदर कन्याएं भेजी जातीं थीं। आज के दौर में आइटम गर्ल ने उनकी जगह ले ली है। उन्हें देख किसकी तपस्या भंग नहीं होगी? जद(यू) के इस नेता का कहना है कि नारी के शरीर का उपभोग की वस्तु के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। अश्लील विज्ञापन और अश्लील डांस इसकी मिसाल हैं।