सोशल साइटों को देनी होगी जन शिकायत अधिकारी की सूचना
नई दिल्ली. सोशल साइटों पर किए कमेंट अगर किसी व्यक्ति, समूह या संगठन को आपत्तिजनक लगते हैं और अपनी आपत्ति दर्ज करना चाहते हैं तो सोशल साइटों के लिए उनकी शिकायत पर कार्रवाई करना जरूरी होगा। दूरसंचार मंत्रालय ने सभी सोशल साइटों से कहा है कि वे अपनी साइट पर जन शिकायत अधिकारी का नाम और संपर्क लिंक का उल्लेख करें। मंत्रालय ने कहा है कि यह सभी सोशल साइटों के लिए जरूरी है और सेवा प्रदाताओं के लिए जारी गाइडलाइन रूल्स 2011 के नियम 3 (11) के तहत अनिवार्य है।
इंटरनेट की आजादी और आईटी एक्ट के दुरुपयोग की चर्चाओं के दौर में, सरकार का यह कदम सोशल साइटों पर विभिन्न पोस्ट को लेकर आपत्ति जताने वाले दोनों पक्षों के लिए बेहतर कदम माना जा रहा है। मंत्रालय का कहना है कि जब हर साइट पर एक नियमित अंतराल के बाद संबंधित जन शिकायत अधिकारी का नाम और संपर्क आता रहेगा तो यह शिकायत नहीं रहेगी कि आपत्ति कहां दर्ज कराएं। इसके अलावा साइटों के लिए भी यह चिन्हित करना आसान होगा कि ऐसे कौन से कमेंट हैं जिनको लेकर आपत्ति है और वह अपने स्तर पर जांच कराने के बाद तय कर पाएगा कि उसे क्या और कितना हटाना है या ब्लॉक करना है। सूत्रों के मुताबिक सेवा प्रदाता कंपनी को अपने यूजर को यह बताना होगा कि वह आपत्तिजनक कंटेंट प्रकाशित-होस्ट-अपलोड न करें। ऐसे मामले जिसमें यूजर या फिर कोई अन्य प्रभावित होने वाले व्यक्ति यह शिकायत दर्ज कराता है कि उसे संबंधित पोस्ट-कमेंट-कंटेंट से किसी तरह की हानि-समस्या हो रही है तो सेवा प्रदाता को उस व्यक्ति के साथ बातचीत कर संबंधित पोस्ट-कमेंट-कंटेंट हटाना होगा, जिसको लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई है।




