नई दिल्ली। दिल्ली में चलती बस में सिर्फ हैवानों ने ही नहीं बल्कि हमारे नेता, संत और वैज्ञानिक भी उस 21 वर्ष की छात्रा का मरने के बाद भी एक के बाद एक करके अपमान कर रहे हैं। दिल्ली गैंगरेप पीडि़त पैरामेडिकल छात्रा की तो मौत हो गई, लेकिन बयानों से लोग बाज नहीं आ रहे। दिल्ली गैंगरेप के बाद
हमारे नेताओं और
संतों के बयान से न सिर्फ समाज की पोल खुल गई है बल्कि नैतिकता और कल्चर की दुहाई देने वाली पार्टियां एक बार फिर से बेनकाब हो गई हैं।
कांग्रेस से लेकर भाजपा तक के नेता महिलाओं को बंदिश में रखने की सलाह दे रहे हैं। किसी के लिए दामिनी की लड़ाई लड़ने वाले लोग ढोंगी हैं तो किसी के लिए पीडि़ता खुद भी दोषी से।
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