नई दिल्ली. हैदराबाद के दिलसुखनगर में गुरुवार शाम पांच मिनट के भीतर हुए दो जबर्दस्त
बम धमाकों के जरिए आतंक ने फिर मजबूत दस्तक दी है। धमाके के बाद कई घंटे गुजर चुके हैं, लेकिन अब तक यह साफ नहीं है कि इन धमाकों के पीछे कौन था। सवाल है कि क्या पिछले कुछ महीनों में देश के भीतर और बाहर हो रही बयानबाजी ब्लास्ट के लिए जिम्मेदार है? हैदराबाद में ब्लास्ट के तार मुंबई हमले के दोषी कसाब, संसद हमले के दोषी
अफजल गुरु को दी गई फांसी की सजा पर सीमा पार पाकिस्तान से की गई बयानबाजी और गृह मंत्री
सुशील कुमार शिंदे के 'हिंदू' आतंकवाद से जुड़े बयानों से कहीं न कहीं जुड़े हैं? इन सवालों के जवाब आने बाकी हैं, लेकिन दैनिकभास्कर.कॉम की ओर से उठाए गए इन सवालों की गंभीरता लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के बयान से भी साबित हुई।
दैनिकभास्कर.कॉम ने सुबह से ही ये सवाल उठाए थे। ऐसा शक इसलिए भी पैदा होता है क्योंकि दिल्ली पुलिस के मुताबिक पिछले साल जुलाई में गिरफ्तारी के बाद आतंकी सैयद मकबूल ने दिल्ली पुलिस को बताया था कि आईएम के आतंकी रियाज़ भटकल के कहने पर दिलसुख नगर और कोणार्क थिएटर की रेकी की थी। साफ है कि आतंकी हैदराबाद के दिलसुखनगर में बम ब्लास्ट (
पढें लेटेस्ट अपडेट) की तैयारी काफी पहले से कर रहे थे। लेकिन इसे अंजाम (
PHOTOS देखें) अब जाकर दिया गया है। (
जानिए, कब-कब और कहां-कहां हुए देश में आतंकी धमाके)
शुक्रवार दोपहर में लोकसभा में सुषमा स्वराज ने हैदराबाद में हुए बम ब्लास्ट को लेकर सवाल उठाया कि क्या दिसंबर में आदिलाबाद में अकबरुद्दीन ओवैसी के उस बयान के तार हैदराबाद धमाकों से जुड़े हुए हैं, जिसमें ओवैसी ने कहा था कि अगर पुलिस दखल न दे तो 25 मिनट में एक समुदाय का काम तमाम कर दिया जाए। उन्होंने इस मामले को पुरजोर ढंग से उठाया।
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