PICS: चीन को चुनौती देता भारत का इकलौता गांव

20 अक्टूबर को भारत-चीन युद्ध के 50 साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके दैनिकभास्कर डॉट कॉम एक सीरीज चलाकर चीन द्वारा थोपे गये युद्ध की वजह से लेकर इससे जुड़े सभी सुने-अनसुने पहलुओं पर विशेष कवरेज दे रहे हैं। इस सीरीज में दोनों सेनाओं की स्थिति, रक्षा बजट, कूटनीति से लेकर अब तक की सभी स्थितियों पर विशेष जानकारी देंगे।
इस सीरीज के तहत आज हम आपको चीन के कब्जे वाले अक्साई-चिन से मात्र छह किलोमीटर दूर लद्दाख के गांव चुशूल लेकर चलते हैं। यहां पहुंचने के लिए प्रशासन से परमिट लेना होता है। क्योंकि इलाका संवेदनशील है। चीन और भारत दोनों की ही सेना यहां गश्त लगाती है। लेह से करीब आठ घंटे के सफर के बाद एक पहाड़ के ढलान पर नजर आता है 100-150 घरों वाला चुशूल। 14000 फीट की ऊंचाई पर यही वो युद्ध क्षेत्र था, जहां 50 साल पहले हमारे सैनिकों ने चीन के पैर नहीं जमने दिए थे। उसे लौट जाना पड़ा।
लेह से कोई 200 किमी पूर्व की ओर है चुशूल। अक्टूबर 1962 में शुरू चीन के आक्रमण को हमारी सेना ने सीमा से 30 किमी दूर इसी गांव में रोक दिया था। यहां के बुजुर्ग साक्षी हैं अदम्य साहस और बलिदान के। ये लोग आज भी चीनी सेना के दबाव का सामना कर रहे हैं।
चलिए आज हम आपको आगे तस्वीरों के जरिए बता रहे हैं वहां के लोगों से उनके 'तब' और 'अब' के बारे में...






