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मांगें नहीं मानी तो और बड़े कदम उठाने की धमकी

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नई दिल्‍ली. लेफ्ट पार्टियों ने दो दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को आजादी के बाद से अब तक की सबसे बड़ी हड़ताल बताया है। इसके साथ ही लेफ्ट पार्टियों ने सरकार को धमकी दी है कि अगर कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी गई तो इससे भी 'बड़े कदम' उठाए जाएंगे। 
 
सीपीआई (एम), सीपीआई, आरएसपी और फॉरवार्ड ब्लॉक ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि सभी सेंट्रल ट्रेड यूनियनों की संयुक्त हड़ताल ऐतिहासिक रही है। दो दिनों की हड़ताल के दौरान लेफ्ट पार्टियों की ओर से पहली बार संयुक्त बयान जारी किया गया है। बयान में कहा गया है कि वर्किंग क्लास की यह आजादी के बाद से सबसे बड़ी हड़ताल है। केंद्रीय सरकार को कर्मचारियों की मांगों पर तुरंत बयान देकर उन्हें पूरा करना होगा। ऐसा नहीं किया गया तो सरकार को इससे भी कड़े कदम देखने को मिलेंगे। यह सरकार की जनविरोधी और मजदूर-विरोधी नीतियों के खिलाफ चेतावनी है। 
 
भारत बंद से सरकार औऱ आम लोग, दोनों परेशान रहे तो गुरुवार को दिल्ली में चार डेड बॉ़डी मिलने से सनसनी फैल गई। ट्रेड यूनियनों की हड़ताल के दूसरे दिन भी दिल्ली और नोएडा के कुछ इलाकों में हिंसा हुई। इसके बाद शहर के कुछ हिस्सों में एहतियातन धारा 144 लागू कर दी गई। दिल्ली के ओखला में खुली एक फैक्ट्री में पत्थरबाजी हुई जिसके बाद इसे बंद कर दिया गया। वहीं पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर एक पंचायत कर्मचारी का कान काटने का मामला सामने आया है। घटना मुर्शिदाबाद के देबीपुर की है। बताया जा रहा है कि भारत बंद पर बुधवार को यह पंचायत कर्मचारी दफ्तर नहीं आया था जिससे तृणमूल नेता नाराज थे। हालांकि टीएमसी ने इससे इंकार किया है और कहा है कि कान काटने की घटना में उसके कार्यकर्ता शामिल नहीं थे। 
 
दिल्ली में हड़ताल की वजह से लोगों को दूसरे दिन भी ऑटो रिक्शा और टैक्सी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। मेट्रो स्टेशनों पर जमकर भीड़ देखी गई तो डीटीसी की बसें सामान्य रूप से चलीं। हालांकि डीटीसी के कुछ कर्मचारियों ने हड़ताल को दूसरे दिन समर्थन दिया। (सबसे बड़ी हड़ताल का दिल्ली पर बड़ा 'असर'
 
नोएडा के फेज 2 होजरी कॉम्प्लेक्स इलाके में हड़ताल के पहले दिन 25 प्राइवेट गाड़ियों और दमकल विभाग की एक गाड़ी में आग लगाने और फैक्टिरियों में तोड़फोड़ के मामले में 131 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज से आसपास के गांवों में उपद्रवियों की पहचान कर रही है। यूपी सरकार ने हिंसा की जांच के आदेश दे दिए हैं। नोएडा में कई प्राइवेट स्कूल आज बंद कर दिए गए और पुलिस ने नोएडा में गुरुवार को फ्लैग मार्च भी किया।
 
बुधवार की तरह आज भी लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को हुई हिंसा के डर से गुरुवार को नोएडा की ज्‍यादातर कंपनियों ने एहतियान कामकाज बंद रखा और कुछ ने दोपहर बाद बंद कर दिया। दिल्‍ली में ऑटो-टैक्‍सी नहीं चल रहे हैं तो कई शहरों में बसों की हड़ताल से जनजीवन ठहर सा गया है। इन सबके बीच, ऑटो यूनियन ने कहा है कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो एक मार्च से दिल्‍ली में ऑटो सेवा को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
 
 
मुंबई में एलआईसी, आरबीआई, बैंकिंग के कुछ संगठन, सरकारी कर्मचारी, इंडस्ट्रियल सेक्टर के कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। ऑटो-टैक्सी के इससे अलग रहने की वजह से पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर ज्यादा असर नहीं दिख रहा है। वहीं पटना के आर ब्लॉक चौराहे के पास पुलिस ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर लाठियां चटकायीं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं विधानसभा की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे। पटना के और रांची के बीच रेल संपर्क भंग रहा। पटना और दिल्ली ट्रैक पर जहां-तहां ट्रेनों को रोका गया। पटना से रांची की ओर जाने वाली जन शताब्दी एक्सप्रेस को जहानाबाद के पास बंद समर्थकों ने रोक दिया। गया से पटना आनेवाली फोर पीजी भी बंद समर्थकों का निशाना बनी। पटना के अलावा बेगूसराय, दरभंगा और मुजफ्फरपुर में भी ट्रेनों को रोका गया है। बंगाल में फाइनैंशल इंस्टिट्यूशन बंद हैं लेकिन बाजार खुले हैं। सड़कों पर भी गाड़ियों की संख्या ठीकठाक है। बेंगलुरु में हड़ताल का खास असर नहीं दिख रहा है लेकिन स्कूल और कॉलेज बंद हैं।
 
केरल में दूसरे दिन की हड़ताल से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त रहा। यहां ट्रेड यूनियनों के कार्यकर्ताओं ने ज्यादातर बैंकों और यातायात को बंद रखा। शहर के लगभग सभी बाजार बंद रहे और बसें-टैक्सी नहीं चलीं। हालांकि रेल और हवाई यातायात पर बंद का असर नहीं पड़ा। 
 
ट्रेड यूनियनों की हड़ताल पहले दिन बेहद हिंसक रही। (देखें तस्‍वीरें) बुधवार को मजदूरों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कई फैक्ट्रियों में तोडफ़ोड़ की। लोगों को मारा-पीटा और कार, बस और पुलिस वाहनों में आग लगा दी। हरियाणा में अंबाला में हंगामे की चपेट में आकर मजदूर नेता नरेंद्र सिंह की मौत हो गई है। (तस्‍वीरों में देखि‍ए भारत बंद का नजारा, लोग सड़कों पर उतरे)
 
 
 
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